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बिहार क्राइम: बेगूसराय में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या, अनंत सिंह के करीबी से जुड़ा है मामला

बेगूसराय: बिहार में अपराध का ग्राफ एक बार फिर चढ़ता नजर आ रहा है। औद्योगिक नगरी बेगूसराय में सोमवार को दिनदहाड़े हुई एक हत्या ने पुलिस प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह के करीबी सूरजभान सिंह और उनके भाई आशीष सोनू के पिता, वरुण सिंह की तीन नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।

​1. वारदात का घटनाक्रम

​घटना सोमवार, 9 मार्च को दोपहर करीब दो बजे की है। बेगूसराय नगर निगम के वार्ड संख्या 13 में प्रॉपर्टी डीलर वरुण सिंह अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी मोटरसाइकिल सवार तीन अपराधी वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने वरुण सिंह को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने के तुरंत बाद वरुण सिंह जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

​2. जमीन विवाद या गहरी साजिश?

​सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने प्राथमिक जांच के आधार पर बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय में क्षेत्र में करीब 20 बीघे जमीन का बड़ा सौदा हुआ था, जिसमें वरुण सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण थी। हालांकि, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह महज एक कारोबारी विवाद है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक या आपराधिक मास्टरमाइंड छिपा है।

​3. बाहुबली कनेक्शन ने बढ़ाई सनसनी

​मृतक वरुण सिंह का बेटा सूरजभान सिंह, मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह का बेहद करीबी माना जाता है। इस ‘अनंत सिंह कनेक्शन’ की वजह से यह मामला बेगूसराय से लेकर पटना तक चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस के लिए चुनौती यह है कि वे केवल शूटरों तक ही न रुकें, बल्कि उस असली चेहरे को बेनकाब करें जिसने इस हत्या की सुपारी दी थी।

​4. बेगूसराय में बढ़ता ‘जमीन का खूनी खेल’

​बेगूसराय का क्राइम रिकॉर्ड बताता है कि पिछले कुछ वर्षों में जमीन की दलाली और रीयल एस्टेट के विवाद में एक दर्जन से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। भू-माफियाओं का सक्रिय होना और पार्टनरशिप के लेन-देन में होने वाले विवाद अक्सर खूनी संघर्ष का रूप ले लेते हैं। इस घटना के बाद बेगूसराय के रीयल एस्टेट कारोबारियों में डर का माहौल है और गैंगवार की आशंका जताई जा रही है।

​5. पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम

​वारदात के बाद सदर अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त पुलिस बल (बैकअप फोर्स) बुलाना पड़ा। एसपी मनीष स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी होगी।

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