राजगीर जू सफारी में सफेद बाघ ‘केसरी’ की एंट्री, पर्यटकों के लिए बना नया आकर्षण; इस पर सबकी नजर
बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर में स्थित राजगीर जू सफारी में एक खास मेहमान की एंट्री हुई है। सफेद बाघ ‘केसरी’ के आने से यहां आने वाले पर्यटकों के बीच उत्साह काफी बढ़ गया है। इस दुर्लभ सफेद बाघ को देखने के लिए अब दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। वन विभाग के अनुसार, केसरी की मौजूदगी से जू सफारी का आकर्षण और भी बढ़ गया है और पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
सफेद बाघ ‘केसरी’ क्यों है खास
सफेद बाघ सामान्य बाघों से अलग होते हैं। इनके शरीर का रंग हल्का सफेद या क्रीम होता है और काली धारियां साफ दिखाई देती हैं। यह दुर्लभ प्रजाति होने के कारण लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र होती है।
जू सफारी प्रशासन ने बताया कि ‘केसरी’ पूरी तरह स्वस्थ है और नए माहौल में खुद को धीरे-धीरे ढाल रहा है। उसे खास निगरानी में रखा गया है ताकि वह सुरक्षित और आरामदायक वातावरण में रह सके।
पर्यटकों के लिए नया आकर्षण
नालंदा जिला के राजगीर में स्थित जू सफारी पहले से ही बाघ, शेर, भालू, हिरण और अन्य वन्यजीवों के लिए मशहूर है। अब सफेद बाघ केसरी की एंट्री से यहां आने वाले पर्यटकों का रोमांच और बढ़ गया है।
पर्यटक सफारी वाहन में बैठकर जंगल जैसे माहौल में इन जानवरों को करीब से देख सकते हैं। खासतौर पर बच्चे और वन्यजीव प्रेमी सफेद बाघ को देखने के लिए काफी उत्साहित हैं।
वन विभाग की विशेष तैयारी
वन विभाग ने केसरी की सुरक्षा और देखभाल के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
अनुभवी पशु चिकित्सकों की टीम उसकी निगरानी कर रही है
खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है
सफारी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है
अधिकारियों का कहना है कि केसरी की मौजूदगी से राजगीर जू सफारी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
राजगीर पहले से ही बिहार का प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां के घूमने लायक पहाड़, ऐतिहासिक स्थल और जू सफारी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। अब सफेद बाघ केसरी के आने से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी फायदा होगा।



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