Bihar Crime: समस्तीपुर में दिनदहाड़े सनसनीखेज लूट, जर्दा व्यवसायी की एजेंसी से 4.5 लाख ले उड़े नकाबपोश अपराधी
समस्तीपुर। बिहार में बेखौफ अपराधियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के नगर थाना क्षेत्र का है, जहाँ सोमवार को दिनदहाड़े हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने एक जर्दा व्यवसायी की एजेंसी को निशाना बनाया। अपराधियों ने आतंक मचाते हुए करीब साढ़े चार लाख रुपये की बड़ी लूट को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। शहर के व्यस्त इलाके बहादुरपुर मोहल्ले में हुई इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है।
हथियार के बल पर 12 व्यापारियों को बनाया बंधक
यह वारदात बहादुरपुर स्थित राहुल इंटरप्राइजेज नामक एजेंसी में हुई। एजेंसी के मालिक राहुल के अनुसार, दोपहर के समय जब व्यापारिक गतिविधियां चल रही थीं, तभी अचानक तीन नकाबपोश अपराधी अंदर दाखिल हुए।
हैरानी की बात यह है कि घटना के समय एजेंसी के भीतर करीब 12 व्यापारी मौजूद थे। अपराधियों ने सभी को हथियार (तमंचे) के बल पर डराया और काउंटर व गल्ले में रखी नकदी पर हाथ साफ कर दिया। व्यापारियों के विरोध करने से पहले ही अपराधी बैग में पैसे भरकर रफूचक्कर हो गए।
सीसीटीवी में कैद हुई अपराधियों की हरकत
वारदात की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीम अब एजेंसी और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों के भागने के रूट और उनकी पहचान का सुराग मिल सके।
एसपी ने दिए गिरफ्तारी के सख्त निर्देश
शहर के बीचों-बीच हुई इस बड़ी लूट को लेकर पुलिस महकमे में भी खलबली मची है। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) अरविंद प्रताप सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
- मामले के खुलासे के लिए एसपी संजय कुमार पांडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया है।
- शहर के सभी निकास द्वारों पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है।
व्यापारियों में आक्रोश और डर
दिनदहाड़े हुई इस लूट के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बहादुरपुर जैसे घनी आबादी वाले और व्यावसायिक क्षेत्र में इस तरह की घटना पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द लुटेरों को पकड़ा जाए और बाजारों में सुरक्षा बढ़ाई जाए।
निष्कर्ष:
समस्तीपुर की यह घटना बिहार में कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह कितनी जल्दी इन नकाबपोश लुटेरों को सलाखों के पीछे पहुँचा पाती है।



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