बिहार में बैठे साइबर ठग को उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, जनसेवा केंद्र संचालक समेत दो मददगार गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए जनसेवा केंद्र संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग बिहार में बैठे साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसे ट्रांसफर करने के लिए होता था। �
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क्या है पूरा मामला
पुलिस की सर्विलांस सेल, एसओजी और चौक कोतवाली की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम श्रीश गुप्ता (जनसेवा केंद्र संचालक) और राहिल बताए गए हैं। �
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दोनों का संपर्क बिहार के साइबर ठग रोहित रंजन से था, जो उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए कहता था। �
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कैसे करते थे ठगी
राहिल भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले आता था।
इन दस्तावेजों से ऑनलाइन बैंक खाते खोले जाते थे।
खाते में ठग का मोबाइल नंबर डाल दिया जाता था ताकि OTP उसी के पास जाए।
जब एटीएम/डेबिट कार्ड बनकर आता, तो उसे ट्रेन के अटेंडेंट के जरिए बिहार भेज दिया जाता। �
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कितनी मिलती थी रकम
प्रत्येक बैंक खाते के बदले आरोपियों को लगभग ₹4500 कमीशन मिलता था।
ठग इन खातों में ठगी का पैसा डालकर ऑनलाइन ट्रांसफर या निकाल लेते थे। �
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पुलिस को क्या मिला
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने बरामद किया:
27 मोबाइल फोन
16 डेबिट कार्ड
माइक्रो-ATM और बायोमेट्रिक मशीन
लगभग ₹25,000 नकद �
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👉 पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी करीब डेढ़ साल से यह काम कर रहे थे और इस नेटवर्क में अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। �
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