पश्चिम एशिया संकट: UAE में रह रहे बिहारियों की सुरक्षा को लेकर संजय झा ने जताई चिंता, विदेश मंत्री से की बात
पटना: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इस्राइल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हालिया हमलों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस युद्ध जैसी स्थिति का सीधा असर वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों पर पड़ रहा है। इस बीच, जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा ने खाड़ी देशों, विशेषकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे बिहार के लोगों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर साझा की चिंता
संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदल रहे हालात बेहद गंभीर हैं। उन्होंने लिखा कि दुबई, अबू धाबी और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बिहार के लोग कार्यरत हैं। वहां के बिगड़ते सुरक्षा हालातों के बीच, उनके परिजनों के लगातार फोन कॉल्स और संदेश प्राप्त हो रहे हैं। लोग अपने सगे-संबंधियों की कुशलता को लेकर डरे हुए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर विदेश मंत्री से चर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री के निर्देश पर संजय झा ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से फोन पर संपर्क किया। झा ने विदेश मंत्री को बिहार के प्रवासियों की चिंताओं से अवगत कराया और उनसे सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
संजय झा के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत सरकार इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है। जयशंकर ने बताया कि भारत सरकार क्षेत्र के विभिन्न देशों की सरकारों के साथ निरंतर राजनयिक संपर्क में है। वहां स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassies) बिहार के लोगों सहित समस्त भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कुशल-क्षेम सुनिश्चित करने के लिए ‘राउंड द क्लॉक’ यानी दिन-रात काम कर रहे हैं।
दूतावास और विदेश मंत्रालय अलर्ट पर
विदेश मंत्री ने संजय झा को यह भी जानकारी दी कि उन्होंने स्वयं संबंधित देशों के उच्चाधिकारियों से बातचीत की है। भारतीय दूतावासों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहें और नागरिकों को हर संभव सहायता प्रदान करें।
बिहारियों के लिए बड़ी चुनौती
बता दें कि बिहार से एक बड़ी आबादी रोजगार के सिलसिले में यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में रहती है। पश्चिम एशिया में अस्थिरता का मतलब न केवल उनकी शारीरिक सुरक्षा का खतरा है, बल्कि उनके रोजगार और आर्थिक स्थिति पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है। संजय झा का यह कदम उन हजारों परिवारों को राहत देने वाला है जिनके अपने इस वक्त संकट के साये में जी रहे हैं।
निष्कर्ष
फिलहाल, भारत सरकार की प्राथमिकता वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस लाने की योजना तैयार करना है। संजय झा ने विश्वास जताया है कि केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के प्रयासों से बिहार के लोग सुरक्षित रहेंगे।



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