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सहरसा में बड़ी वारदात: नवहट्टा से एक साथ 5 नाबालिग लड़कियां लापता, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सहरसा (बिहार)। बिहार के सहरसा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के नवहट्टा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपराही गांव (वार्ड संख्या 18) से पांच नाबालिग लड़कियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। एक ही गांव की पांच बच्चियों के एक साथ गायब होने से पूरे इलाके में दहशत और हड़कंप का माहौल है। पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर हाई अलर्ट पर है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 फरवरी की है। दोपहर करीब 11:30 बजे तीन अलग-अलग परिवारों की पांच लड़कियां घर से घास काटने के लिए निकली थीं। शाम ढलने तक जब ये बच्चियां घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो ग्रामीणों और परिजनों ने पुलिस को सूचित किया।

लापता बच्चियों की पहचान:

  1. राधा कुमारी (17 वर्ष)
  2. नेहा कुमारी (14 वर्ष)
  3. ज्योति कुमारी (12 वर्ष)
  4. कोमल कुमारी (12 वर्ष)
  5. प्रीति कुमारी (10 वर्ष)

अंतिम बार तुलसीपुर की ओर देखी गईं बच्चियां

​परिजनों ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने शाम करीब 4 बजे इन पांचों लड़कियों को तुलसीपुर की दिशा में जाते हुए देखा था। इसके बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने रात 9 बजे के करीब नवहट्टा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन

​घटना की जानकारी मिलते ही सहरसा पुलिस महकमे में खलबली मच गई। डीएसपी (हेडक्वार्टर-2) कमलेश्वर प्रसाद सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

  • थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार और अपर थानाध्यक्ष रोशन कुमार के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं।
  • ​पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और उन लोगों से पूछताछ कर रही है जिन्होंने बच्चियों को आखिरी बार देखा था।
  • ​हर संभावित पहलू, चाहे वह अपहरण हो या कोई और कारण, पुलिस गहराई से जांच कर रही है।

इलाके में आक्रोश और डर का माहौल

​एक साथ पांच बच्चियों का गायब होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है। पीड़ित परिवारों में मातम पसरा हुआ है और वे प्रशासन से अपनी बच्चियों की सकुशल बरामदगी की गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि बच्चियां सही-सलामत घर लौट सकें।

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