दरभंगा: उपनयन की खुशियां मातम में बदलीं, हर्ष फायरिंग में 10 साल के मासूम के सिर में लगी गोली
दरभंगा। बिहार में हर्ष फायरिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र के उछटी गांव से सामने आया है, जहां एक उपनयन संस्कार (जनेऊ) के दौरान हुई फायरिंग ने पूरे परिवार की खुशियों को डर और दहशत में बदल दिया। इस हादसे में 10 वर्षीय बटुक राहुल कुमार के सिर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूजा के दौरान अचानक चली गोलियां
मिली जानकारी के अनुसार, मुकेश झा के बेटे राहुल कुमार का उपनयन संस्कार शुक्रवार को होने वाला था। गुरुवार की रात परंपरा के अनुसार महिलाएं बटुक राहुल को साथ लेकर गांव के दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंची थीं। मंदिर परिसर और पोखर घाट पर काफी भीड़ जमा थी। इसी दौरान उत्साह में आकर किसी ने हवाई फायरिंग शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब चार से पांच राउंड फायरिंग की गई। इसी बीच एक गोली सीधे राहुल के सिर में जा धंसी। गोली लगते ही मासूम लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। शुरुआत में वहां मौजूद लोगों को लगा कि किसी पटाखे का धमाका हुआ है, लेकिन राहुल के सिर से निकलता खून देख चीख-पुकार मच गई।
5 घंटे की जटिल सर्जरी और चमत्कार
हादसे के तुरंत बाद परिजन राहुल को लेकर बिरौल के सुपौल बाजार स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने एक्स-रे और अन्य जांचों के बाद पाया कि गोली सिर के अंदर गहराई में फंसी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित की गई।
लगभग 5 घंटे तक चली बेहद जटिल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने राहुल के सिर से गोली निकालने में सफलता हासिल की। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, फिलहाल बालक की स्थिति स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है, हालांकि उसे अभी भी डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है।
फिलहाल स्थगित हुआ उपनयन कार्यक्रम
इस दुखद घटना के बाद शुक्रवार को होने वाला उपनयन का मुख्य कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। 10 वर्षीय राहुल के घर में जहां मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और हर्ष फायरिंग करने वाले व्यक्ति की लापरवाही पर आक्रोश जता रहे हैं।
पुलिस की जांच और चुप्पी
घटना की सूचना मिलते ही बिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। हालांकि, इस मामले में अभी तक परिवार या पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर अधिक जानकारी साझा नहीं की गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग किस हथियार से की गई थी और वह हथियार लाइसेंस था या अवैध। अभी तक आरोपी की पहचान उजागर नहीं हो पाई है।
बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा हर्ष फायरिंग पर सख्त प्रतिबंध के बावजूद, ग्रामीण इलाकों में ऐसे आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन एक गंभीर चुनौती बना हुआ है।



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