दरभंगा में पुलिस का कड़ा एक्शन: अपहरण के आरोपी के घर बजाई डुगडुगी, सरेंडर न करने पर घर होगा कुर्क:-
दरभंगा, बिहार: बिहार के दरभंगा जिले से कानून व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कमतौल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और कथित धर्म परिवर्तन की धमकी से जुड़े मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी के घर पर इश्तेहार चस्पा कर कुर्की-जब्ती की चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना कमतौल थाना क्षेत्र के कुम्हरौली गांव की है। आरोप है कि मो. सितारे नाम के व्यक्ति ने एक हिंदू नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी लड़की का धर्म परिवर्तन कराकर शादी करने की धमकी दे रहा है। 28 जनवरी 2026 को हुई इस घटना के बाद से ही इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने मामले में 5 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस की ‘मुनादी’ और इश्तेहार की कार्रवाई
फरार चल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अब कानूनी प्रक्रिया को तेज कर दिया है। न्यायालय के निर्देश पर कमतौल पुलिस ने मुख्य आरोपी मो. सितारे के घर पहुंचकर डुगडुगी बजाई और पूरे गांव के सामने उद्घोषणा की। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी के घर के दरवाजे पर इश्तेहार (Legal Notice) चिपका दिया है।
कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि यदि आरोपी तय समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके घर की कुर्की (Property Attachment) की जाएगी। आरोपियों की पहचान मो. सितारे, मो. चमन, मो. अनवर, मो. जमाहिर नदाफ और जमीला खातून के रूप में हुई है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
परिजनों के अनुसार, मुख्य आरोपी मो. सितारे पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता के परिवार ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है जब उसने उन्हें परेशान किया हो। इससे पहले 4 सितंबर 2025 को भी आरोपी और उसके भाइयों ने उनके घर में घुसकर लूटपाट की थी, जिसके बाद वह जेल भी गया था। जेल से छूटने के बाद से ही वह परिवार को बदला लेने की धमकी दे रहा था।
परिजनों का बढ़ता आक्रोश
घटना के दो महीने बीत जाने के बाद भी नाबालिग लड़की की बरामदगी न होने से ग्रामीणों और परिजनों में भारी गुस्सा है। पीड़िता के चाचा ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर लड़की को सकुशल बरामद नहीं किया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए विवश होंगे।
पुलिस का पक्ष
थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं और उनके घर भी बंद हैं। पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और उनके रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वे इस संवेदनशील मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।



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