बिहार: रोहतास में स्कूल बस और ट्रक की भीषण टक्कर, दो शिक्षकों की दर्दनाक मौत; मची चीख-पुकार:-
रोहतास (बिहार): बिहार के रोहतास जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार देर रात आरा-मोहनिया राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर एक स्कूल बस और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण दुर्घटना में दो शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि लगभग एक दर्जन बच्चे घायल हुए हैं। घटना के बाद मौके पर कोहराम मच गया और चारों ओर बच्चों की चीखें सुनाई देने लगीं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हादसा परसथुआं थाना क्षेत्र के पास देर रात करीब 1:00 बजे हुआ। कैमूर जिले के चैनपुर स्थित मध्य विद्यालय बढोना के बच्चे और शिक्षक एक स्कूल बस में सवार होकर पटना शैक्षणिक भ्रमण (School Tour) पर जा रहे थे। बस अभी परसथुआं के पास पहुँची ही थी कि विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बस को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दो शिक्षकों ने मौके पर ही तोड़ा दम
इस दर्दनाक हादसे में दो शिक्षकों की घटनास्थल पर ही जान चली गई। मृतकों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- पुनीत कुमार सिंह: ये उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के बगहवा गांव के निवासी थे और बिहार में बीपीएससी (BPSC) शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।
- संजय कुमार राय: ये कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के भैंसहर गांव के रहने वाले थे।
50 लोग थे सवार, कई घायल
हादसे के वक्त बस में बच्चों, शिक्षकों और स्टाफ सहित कुल 50 लोग सवार थे। टक्कर लगते ही बस में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में लगभग 12 बच्चे घायल हुए हैं, जिन्हें मामूली से लेकर गंभीर चोटें आई हैं। घायल शिक्षकों में विपिन पांडे, सियानंद पटेल, लोरी सिंह और एक महिला शिक्षिका ललिता कुमारी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत सासाराम के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों में कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही परसथुआं थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने दोनों शिक्षकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। जैसे ही यह खबर शिक्षकों के घर पहुँची, वहां मातम पसर गया।
शैक्षणिक भ्रमण का सफर बना मातम
हर साल स्कूलों की ओर से बच्चों को ऐतिहासिक और शैक्षणिक स्थलों के भ्रमण पर ले जाया जाता है। मध्य विद्यालय बढोना के बच्चे भी बड़े उत्साह के साथ पटना के लिए निकले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रात के अंधेरे में हुए इस हादसे ने न केवल दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, बल्कि मासूम बच्चों के मन में भी एक गहरा डर पैदा कर दिया है।
निष्कर्ष: बिहार में सड़क सुरक्षा और रात के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित गति एक बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा मानकों और लंबी यात्राओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



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