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Bihar News: फुलवारी छात्रा मौत मामला—दरिंदगी के आरोप पर पटना में माले का प्रदर्शन, सरकार पर घेरा

बिहार की राजधानी पटना में फुलवारीशरीफ की छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है। वाम दलों, खासकर Communist Party of India (Marxist–Leninist) Liberation (भाकपा माले) के नेतृत्व में एम्स गोलंबर पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रा के साथ दरिंदगी के बाद उसकी हत्या कर शव को चौथी मंजिल से नीचे फेंका गया। वहीं पुलिस ने मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच का आश्वासन दिया है।
एम्स गोलंबर पर प्रदर्शन, तीन घंटे जाम
पटना के AIIMS Patna गोलंबर पर सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा, महिला कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण जुटे। करीब साढ़े तीन घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar और डिप्टी सीएम से जवाब मांगा तथा कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
माले नेताओं के गंभीर आरोप
माले के नेताओं ने दावा किया कि यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है। उनका कहना है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे ऊंचाई से फेंका गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अब तक कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा, जिससे जनता में आक्रोश है।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो फुलवारी क्षेत्र में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा और क्षेत्र को बंद किया जाएगा। उन्होंने उच्चस्तरीय न्यायिक जांच, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को मुआवजा और सुरक्षा की मांग की।
पुलिस का पक्ष
पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस का कहना है कि मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। चार लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य संदिग्धों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि तथ्यों के आधार पर जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी।
कानून-व्यवस्था पर सियासी बहस
इस घटना के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया है। वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और निष्पक्ष जांच के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेश की नजर बनी हुई है। जांच रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी।

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