Bihar: जमालपुर-किउल रेलखंड पर टला बड़ा हादसा; बंद फाटक तोड़कर भागा पिकअप चालक, DMU ट्रेन से टक्कर होते-होते बची!

भूमिका
बिहार के मुंगेर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पिकअप चालक की लापरवाही के कारण बड़ी रेल दुर्घटना हो सकती थी। जमालपुर-किउल रेलखंड पर स्थित दशरथपुर रेलवे फाटक पर मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार पिकअप वैन बंद हो रहे फाटक को तोड़ती हुई रेल पटरियों को पार कर गई। राहत की बात यह रही कि ट्रेन आने में कुछ ही सेकंड का फासला था, जिससे एक भीषण हादसा टल गया। फिलहाल रेलवे प्रशासन और आरपीएफ मामले की जांच में जुटे हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना मंगलवार शाम करीब 4:00 बजे की है। जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 63424 (जमालपुर-किउल डीएमयू) के आने का समय हो चुका था। नियमानुसार, गेटमैन रंजीत कुमार रेलवे समपार फाटक बंद कर रहे थे। तभी जमालपुर की ओर से आ रही पानी की बोतलों से लदी एक पिकअप वैन ने रफ्तार कम करने के बजाय बंद हो रहे फाटक को जोरदार टक्कर मारी और उसे तोड़ते हुए ट्रैक पार कर धरहरा की ओर भाग निकली।
हादसे से चंद सेकंड का फासला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह दृश्य बेहद डरावना था। जैसे ही पिकअप वैन ट्रैक से गुजरी, उसके कुछ ही सेकंड बाद ट्रेन वहां से गुजरी। अगर वैन वहां फंस जाती या वैन की रफ्तार थोड़ी भी कम होती, तो इंजन से उसकी सीधी टक्कर हो जाती। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने किया पीछा, चालक फरार
घटना को अंजाम देने के बाद चालक वाहन लेकर तेजी से भागा। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए बाइक से पिकअप का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे घेर भी लिया। हालांकि, चालक लोगों को चकमा देकर वाहन समेत गलियों से फरार होने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि चालक की उम्र मात्र 17 से 18 वर्ष के करीब थी, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं रहा होगा।
रेलवे प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ (RPF) के जवान मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त गेट का मुआयना किया।
वैकल्पिक व्यवस्था: स्टेशन अधीक्षक रंजीत कुमार ने बताया कि मुख्य फाटक टूटने के कारण वर्तमान में ‘ऑप्शनल गेट’ के जरिए परिचालन किया जा रहा है।
मरम्मत कार्य: रेलवे के तकनीकी विभाग ने टूटे हुए फाटक की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
आरोपी की पहचान: रेलवे प्रशासन ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर वाहन नंबर और चालक की पहचान शुरू कर दी है।
सुरक्षा पर सवाल
यह घटना रेलवे सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर उदाहरण है। रेलवे फाटकों पर इस तरह की जल्दबाजी अक्सर जानलेवा साबित होती है। पूर्व में भी इस रेलखंड पर फाटकों को नुकसान पहुँचाने की खबरें आती रही हैं। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
निष्कर्ष
दशरथपुर में हुआ यह वाकया एक चेतावनी है। रेलवे ट्रैक पार करते समय चंद सेकंड की जल्दबाजी न केवल वाहन चालक बल्कि ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डाल सकती है। प्रशासन को ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


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