Bihar News: जमीन मापी के नाम पर 3 लाख की डिमांड! वैशाली में अमीन 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
वैशाली: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। वैशाली जिले के लालगंज अंचल में तैनात अमीन सुजीत कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से अंचल कार्यालय और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
SVU के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद के अनुसार, इनायतपुर प्रबोधी सराय निवासी आनंद कुमार और मुर्गियाचक निवासी पप्पू कुमार ने पटना स्थित SVU कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादियों ने आरोप लगाया था कि अमीन सुजीत कुमार उनकी जमीन की मापी और परिमार्जन (Rectification) के कार्य को अटका रहा था और इसके बदले मोटी रकम की मांग कर रहा था।
पप्पू कुमार से मांग: जमीन मापी के बदले 3 लाख रुपये।
आनंद कुमार से मांग: कार्य के बदले 60 हजार रुपये।
निगरानी विभाग का बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया। जब रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई, तो SVU थाना कांड संख्या-18/2026 दर्ज किया गया। पुलिस उपाधीक्षक चंद्रभूषण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
सोमवार को जैसे ही अमीन सुजीत कुमार ने पप्पू कुमार से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लिए, पहले से तैयार निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
देर रात पटना ले गई टीम
गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कागजी कार्रवाई के लिए टीम आरोपी अमीन को लेकर लालगंज थाना पहुँची। देर रात टीम उसे लेकर पटना रवाना हो गई, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है। अमीन के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई है।
लालगंज अंचल में भ्रष्टाचार का पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब लालगंज के किसी अधिकारी पर निगरानी का डंडा चला हो।
जून 2025 में तत्कालीन बीडीओ नीलम कुमारी और उनके चालक को प्रधानमंत्री आवास योजना में 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया था।
लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों ने अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भारी आक्रोश है।
निष्कर्ष
अमीन सुजीत कुमार की गिरफ्तारी उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो जनता के जायज काम के बदले रिश्वत की उम्मीद रखते हैं। निगरानी विभाग की इस मुस्तैदी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

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