Bihar: चलती ट्रेन में अचानक मचा बवाल! पोरबंदर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रियों के बीच जमकर मारपीट
पश्चिमी चंपारण (बिहार): भारतीय रेलवे के सफर के दौरान सुरक्षा और सहिष्णुता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुजफ्फरपुर से पोरबंदर की ओर जाने वाली 19270 पोरबंदर एक्सप्रेस में सोमवार शाम यात्रियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। ट्रेन के स्लीपर कोच (S2) में शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बेतिया स्टेशन के बाद भड़की हिंसा
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर जानकारी मिली है कि विवाद की शुरुआत बेतिया स्टेशन से ट्रेन खुलने के ठीक बाद हुई। कोच संख्या S2 में सवार कुछ यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लात-घूंसे चलाने शुरू कर दिए।
कोच में मची चीख-पुकार, महिलाओं से भी धक्का-मुक्की
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पूरी बोगी में अफरा-तफरी का माहौल है। मारपीट करने वाले लोग इस कदर आपा खो बैठे थे कि उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों का भी ख्याल नहीं रखा। वीडियो में महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की तस्वीरें भी कैद हुई हैं। बाकी यात्री डर के मारे अपनी सीटों पर दुबक गए या इधर-उधर भागने लगे।
खूनी संघर्ष: एक युवक गंभीर रूप से घायल
इस मारपीट में एक युवक के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। वीडियो में युवक के सिर से खून बहता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, घायल की पहचान और उसकी स्थिति के बारे में अभी रेल पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
नरकटियागंज रेल पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना जैसे ही नियंत्रण कक्ष को मिली, नरकटियागंज रेल पुलिस (GRP) तुरंत सक्रिय हो गई। जैसे ही ट्रेन अगले स्टॉपेज पर पहुँची, पुलिस बल ने कोच में प्रवेश किया और मारपीट कर रहे दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस ने मौके पर मामला शांत कराया और कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
ट्रेन के अंदर किसी सह-यात्री द्वारा बनाया गया यह वीडियो इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। नेटिजन्स (Netizens) इस घटना को लेकर रेल सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कस रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि स्लीपर कोच में जनरल टिकट वाले यात्रियों के घुसने या सीट को लेकर होने वाले विवाद अक्सर इस तरह की हिंसा का रूप ले लेते हैं।
निष्कर्ष
ट्रेन में सफर के दौरान सह-यात्रियों के साथ सामंजस्य बिठाना बेहद जरूरी है। पोरबंदर एक्सप्रेस की यह घटना न केवल यात्रियों की सुरक्षा में सेंध है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था के प्रति डर की कमी को भी दर्शाती है। रेल पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त मिसाल कायम करने की जरूरत है

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