बिहार: दो दिन पहले बेटी की शादी में गूंज रही थीं शहनाइयां, आज उसी घर के बाहर फंदे से लटका मिला पिता का शव
वैशाली (बिहार): बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी मर्मस्पर्शी और दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। महनार थाना क्षेत्र के जावज गांव में, जिस घर में दो दिन पहले तक बेटी की शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां आज मातम पसरा है। जिस पिता ने बड़े अरमानों के साथ अपनी लाडली का कन्यादान किया, उसी अशोक महतो का शव घर के बाहर फंदे से लटका पाया गया।
शादी की खुशियों में दबंगों का खलल
इस दुखद घटना की शुरुआत दो दिन पहले शादी समारोह के दौरान हुई थी। परिजनों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों और मनचलों ने शादी के दौरान जमकर उत्पात मचाया। मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने बारातियों के साथ मारपीट की और पूरे समारोह में दहशत फैला दी।
परिजनों ने लगाए ये गंभीर आरोप:
गाड़ियों में तोड़फोड़: दबंगों ने बारात में आई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए।
भोजन का अपमान: शादी के लिए तैयार किया गया खाना फेंक दिया गया और खाना बनाने वाले चूल्हे तक तोड़ दिए गए।
दहशत का माहौल: शादी में शामिल मेहमानों और परिजनों को डराया-धमकाया गया।
पुलिस की भूमिका और परिजनों का आक्रोश
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के वक्त उन्होंने बार-बार महनार पुलिस और ‘डायल 112’ को सूचित किया। पुलिस मौके पर आई भी, लेकिन कोई सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्होंने केवल मामला शांत कराने की कोशिश की। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कहा, “पहले शादी कर लीजिए, बाद में देखेंगे।” परिवार का मानना है कि यदि पुलिस उसी वक्त आरोपियों को हिरासत में ले लेती, तो अशोक महतो आज जीवित होते।
हत्या या आत्महत्या? गहराता सस्पेंस
अशोक महतो की मौत को लेकर परिवार और पुलिस के दावों में बड़ा अंतर है:
परिजनों का दावा (हत्या): मृतक की नवविवाहिता बेटी और अन्य सदस्यों का आरोप है कि अगले दिन दबंगों ने पंचायत बुलाकर केस न करने का दबाव बनाया। आरोप है कि देर रात फिर कुछ लोग जुटे और उनके पिता की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया ताकि यह आत्महत्या का मामला लगे।
पुलिस का दावा (आत्महत्या): महनार एसडीपीओ प्रवीण कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला कर्ज के कारण आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे हत्या के एंगल सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
गाँव में तनाव, न्याय की मांग
अशोक महतो की मौत के बाद जावज गांव में तनाव का माहौल है। ग्रामीण पुलिस की कार्यशैली से नाराज हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। एक गरीब परिवार जिसने अपनी जमा-पूंजी लगाकर बेटी की शादी की, आज वह परिवार बिखर चुका है।
निष्कर्ष
यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और ग्रामीण स्तर पर होने वाले विवादों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या अशोक महतो ने कर्ज के बोझ तले दबकर अपनी जान दी, या फिर दबंगों के डर और अपमान ने उन्हें इस मोड़ पर खड़ा कर दिया? इसका सच विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।

Post Comment