बंगाल हत्याकांड का ‘बक्सर कनेक्शन’: STF ने हिस्ट्रीशीटर विशाल को दबोचा, शुभेंदु अधिकारी के PA की मौत से जुड़े तार
बक्सर/पटना: पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमाने वाले चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब बिहार की सीमाओं में प्रवेश कर चुकी है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) की टीम ने बिहार के बक्सर जिले में छापेमारी कर एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर को अपनी हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी निवासी विशाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है।
पांडेयपट्टी में आधी रात को छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, बंगाल एसटीएफ की टीम पिछले कई दिनों से डिजिटल सर्विलांस के जरिए विशाल श्रीवास्तव की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सोमवार तड़के एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पांडेयपट्टी इलाके में घेराबंदी की और विशाल श्रीवास्तव को उसके ठिकाने से उठा लिया। एसटीएफ टीम उसे प्रारंभिक पूछताछ के बाद अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है। इस कार्रवाई के बाद से ही बक्सर के आपराधिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
कौन है विशाल श्रीवास्तव?
हिरासत में लिया गया विशाल श्रीवास्तव बक्सर पुलिस की रिकॉर्ड बुक में एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ के रूप में दर्ज है। मिली जानकारी के मुताबिक:
विशाल के खिलाफ बक्सर के विभिन्न थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट, रंगदारी और जानलेवा हमले जैसे करीब एक दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं।
वह इलाके में एक सक्रिय अपराधी के रूप में जाना जाता है और पूर्व में भी कई बार जेल जा चुका है।
चर्चा है कि इस हत्याकांड में शूटरों को हथियार मुहैया कराने या उन्हें पनाह देने में विशाल की भूमिका हो सकती है।
क्या है चंद्रनाथ रथ हत्याकांड?
चंद्रनाथ रथ, पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके निजी सहायक (PA) थे। उनकी हत्या उत्तर 24 परगना जिले में हुई थी, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में भूचाल आ गया था। भाजपा ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। जांच के दौरान एसटीएफ को तकनीकी इनपुट मिले थे कि हत्याकांड के तार उत्तर प्रदेश और बिहार के अपराधियों से जुड़े हैं।
दो अन्य संदिग्धों के भी पकड़े जाने की खबर
बक्सर में हुई इस कार्रवाई के दौरान चर्चा है कि पुलिस ने विशाल के अलावा दो अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए उठाया है। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारियों ने अभी तक दो अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बक्सर पुलिस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई बंगाल एसटीएफ द्वारा की गई है और स्थानीय पुलिस ने केवल सहयोग प्रदान किया है।
जांच के घेरे में ‘बाहरी गैंग’
एसटीएफ को शक है कि बंगाल में राजनीतिक हत्याओं को अंजाम देने के लिए बिहार और यूपी के पेशेवर अपराधियों का सहारा लिया जा रहा है। विशाल श्रीवास्तव से पूछताछ में यह साफ हो सकता है कि उसे सुपारी किसने दी थी या वह किन लोगों के सीधे संपर्क में था।
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