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​पटना में ‘अटल पथ’ के बाद एक और शानदार तोहफा: ‘नवीन सिन्हा पथ’ से जाम का झाम होगा खत्म

पटना में ‘अटल पथ’ के बाद एक और शानदार तोहफा: ‘नवीन सिन्हा पथ’ से जाम का झाम होगा खत्म
​पटना: बिहार की राजधानी पटना के निवासियों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक उपलब्धियों वाला रहा। पटना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना का लोकार्पण किया गया है, जो न केवल यातायात को सुगम बनाएगी बल्कि शहर की जलनिकासी की पुरानी समस्या का भी अंत करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज ‘नवीन सिन्हा पथ’ (मंदिरी नाला परियोजना) का विधिवत उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित कर दिया।
​इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित बिहार सरकार के तमाम दिग्गज मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। यह परियोजना पटना के शहरी बुनियादी ढांचे में एक मील का पत्थर साबित होने वाली है।
​कहां से कहां तक बनी है यह सड़क?
​नवीन सिन्हा पथ पटना के सबसे व्यस्ततम इलाकों में से एक नेहरू पथ (बेली रोड) स्थित आयकर चौराहा को सीधे दानापुर-बांकीपुर पथ के बांस घाट (अशोक राजपथ) से जोड़ती है। इस सड़क की कुल लंबाई 1289 मीटर है। अब आयकर चौराहा से अशोक राजपथ जाने के लिए लोगों को मंदिरी की संकरी गलियों या कोर्ट के सामने वाले लंबे जाम से नहीं जूझना पड़ेगा।
​परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लागत
​कुल लागत: 115.08 करोड़ रुपये।
​निर्माण तकनीक: मंदिरी नाले का जीर्णोद्धार कर उसे बॉक्स ड्रेन तकनीक से पूरी तरह ढक दिया गया है और उसके ऊपर सड़क का निर्माण किया गया है।
​सड़क की चौड़ाई: यह टू-लेन सड़क है जिसकी चौड़ाई 5.5 मीटर है। इसके अलावा 3.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई गई है।
​ड्रेनेज सिस्टम: जलजमाव रोकने के लिए सड़क के किनारे एक मीटर चौड़ा नाला और उपयोगिताओं के लिए यूटिलिटी डक्ट बनाया गया है।
​सफाई के इंतजाम: भविष्य में नाले की सफाई के लिए दो विशेष रैंप बनाए गए हैं ताकि मशीनों को अंदर उतारा जा सके।
​इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
​नवीन सिन्हा पथ के शुरू होने से पटना के मध्यवर्ती इलाकों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। मंदिरी नाले में एसपी वर्मा रोड, मीठापुर, गर्दनीबाग, मानूनजार, धोबीघाट, इको पार्क क्षेत्र, छज्जूबाग, एमएलए फ्लैट और सिंचाई भवन जैसे प्रमुख इलाकों का ड्रेनेज आकर मिलता है। अब नाला पूरी तरह ढंक जाने से इन इलाकों में सालों से बनी रहने वाली गंदगी और दुर्गंध की समस्या समाप्त हो जाएगी।
​2023 में शुरू हुआ था सपना, आज हुआ साकार
​इस मेगा प्रोजेक्ट का काम सितंबर 2023 में शुरू किया गया था। सरकार ने इसे 25 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, जिसे समय रहते पूरा कर लिया गया है। निर्माण कार्य के दौरान कुल छह कल्वर्ट का निर्माण किया गया है, जो इस संपर्क पथ को और मजबूती प्रदान करते हैं।
​ट्रैफिक दबाव होगा कम
​अधिकारियों का मानना है कि इस सड़क के चालू होने से गांधी मैदान और डाकबंगला चौराहे पर लगने वाले ट्रैफिक का दबाव कम होगा। बेली रोड से अशोक राजपथ की ओर जाने वाले लोग अब सीधे आयकर चौराहे से नवीन सिन्हा पथ का उपयोग कर सकेंगे। यह न केवल समय बचाएगा बल्कि ईंधन की भी बचत करेगा।

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