Bihar: सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़के मुजफ्फरपुर के BJP विधायक, समर्थकों संग युवक के घर पहुंचे; जमकर हुआ बवाल
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर की गई एक टिप्पणी ने बड़े विवाद का रूप ले लिया है। बीजेपी के नगर विधायक रंजन कुमार और उनके समर्थकों पर आरोप है कि वे एक युवक के घर में घुस गए, जिसके बाद वहां जमकर मारपीट और हंगामा हुआ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
क्या है विवाद की जड़?
विवाद की शुरुआत फेसबुक पर की गई कुछ कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट से हुई। विधायक रंजन कुमार का आरोप है कि कन्हौली निवासी मुकुंद कुमार नामक युवक पिछले काफी समय से उनके चरित्र हनन और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से पोस्ट लिख रहा था। विधायक के अनुसार, शनिवार रात भी उनकी तस्वीर लगाकर अपमानजनक टिप्पणी की गई, जिससे मामला बिगड़ गया।
विधायक का पक्ष: “छवि खराब करने की साजिश”
विधायक रंजन कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में स्पष्ट किया कि वे केवल पूछताछ करने और समझाने के उद्देश्य से युवक के घर गए थे।
भ्रामक पोस्ट का आरोप: विधायक का कहना है कि मुकुंद कुमार लगातार विधानसभा क्षेत्र-94 और उनके व्यक्तित्व को लेकर झूठ फैला रहा था।
चरित्र हनन: विधायक ने एक अन्य युवक, ठाकुर दिव्य प्रकाश पर भी आरोप लगाया कि वह एक साल से उनके खिलाफ अभियान चला रहा है, जिससे उन्हें काफी मानसिक तनाव झेलना पड़ा है।
आईटी एक्ट की मांग: विधायक ने पुलिस से मांग की है कि इन सोशल मीडिया खातों की जांच कर आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
पीड़ित पक्ष का आरोप: घर में घुसकर मारपीट
दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष ने विधायक और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक दर्जनों समर्थकों के साथ अचानक घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। घटना के समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। पीड़ित पक्ष ने भी थाने में आवेदन देकर सुरक्षा और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई मुश्किलें
घटना के दौरान किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया जो अब इंटरनेट पर तैर रहा है। वीडियो में विधायक समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच धक्का-मुक्की और बहस साफ देखी जा सकती है। इस वीडियो के आधार पर विपक्षी दल भी हमलावर हो गए हैं और जनप्रतिनिधि के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई
मुजफ्फरपुर पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुए हैं।
विधायक की शिकायत पर मुकुंद कुमार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़ित पक्ष के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता और मारपीट की घटना की बारीकी से जांच कर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष: अभिव्यक्ति बनाम सम्मान की जंग
यह मामला सोशल मीडिया के दुरुपयोग और जनप्रतिनिधियों के धैर्य, दोनों पर सवाल खड़े करता है। जहाँ अभिव्यक्ति की आजादी जरूरी है, वहीं किसी के चरित्र पर कीचड़ उछालना भी अपराध की श्रेणी में आता है। अब देखना यह है कि कानून इस हाई-प्रोफाइल मामले में क्या रुख अपनाता है।



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