Loading Now

Bihar SIR: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर SC ने सुरक्षित रखा फैसला, SIR प्रक्रिया को लेकर क्या कहा?

Bihar SIR: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर SC ने सुरक्षित रखा फैसला, SIR प्रक्रिया को लेकर क्या कहा?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Thu, 29 Jan 2026 04:46 PM IST

सार

SC Verdict On Bihar SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा। अदालत ने याचिकाकर्ताओं और निर्वाचन आयोग की दलीलें सुनीं। आयोग ने SIR प्रक्रिया को संविधान सम्मत बताया है।

Bihar SIR Case Supreme Court Reserves Verdict on Special Voter List Revision Check updates in Hindi

बिहार एसआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला – फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ दायर याचिकाओं के एक समूह पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इन याचिकाओं में गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की याचिका भी शामिल है, जिसमें SIR प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।

मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई में पीठ
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई पूरी की। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंहवी, प्रशांत भूषण और गोपाल शंकरनारायणन सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दलीलें पेश कीं।

चुनाव आयोग की ओर से पक्ष रखा गया
चुनाव आयोग की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी और मनींदर सिंह ने पक्ष रखा। पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल प्रत्युत्तर पर भी सुनवाई की, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रखने का निर्णय लिया गया।

पढ़ें- Bihar: सीएम नीतीश ने फिर दिलाई लालू राज की याद, समृद्धि यात्रा के दौरान समस्तीपुरवासियों को दी बड़ी सौगात

पिछले वर्ष शुरू हुई थी अंतिम बहस
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतिम बहस की शुरुआत पिछले वर्ष 12 अगस्त को की थी। उस समय अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि मतदाता सूची में नाम शामिल करना या हटाना भारतीय संविधान के तहत निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।

SIR को लेकर निर्वाचन आयोग का पक्ष
निर्वाचन आयोग ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा है कि आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र को नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है।

https://youtube.com/watch?v=F-S_nhg-LVk%23mute%3D-1

और पढ़ें…

Previous post

Bihar News: थानाध्यक्ष पर व्यवसायी से थाने में मारपीट का आरोप, एसएसपी ने एसडीपीओ को दिया जांच का निर्देश

Next post

Bihar: गयाजी में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, धान कारोबारी राजेश गुप्ता के आवास और राइस मिल पर एक साथ सर्वे

Post Comment

You May Have Missed