Loading Now

Bihar: डीआईजी ने थानाध्यक्ष व अनुसंधानक को किया निलंबित, जांच में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई; जानें मामला

दरभंगा में भवन निर्माण सामग्री लूट कांड की जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने पर पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। मिथिला रेंज की डीआईजी और दरभंगा एसएसपी ने फेकला थाना के थानाध्यक्ष और बहादुरपुर थाना के इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है।

biharnews, darbhanganews,digsuspendedsho&inspector

थानाध्यक्ष गौतम कुमार व इंस्पेक्टर अभिषेक प्रताप सिंह।विज्ञापन

विस्तार

मिथिला रेंज की डीआईजी स्वप्ना गौतम मेश्राम और दरभंगा एसएसपी जगुनाथ रेड्डी (उर्फ जलारेड्डी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। फेकला थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष गौतम कुमार और बहादुरपुर थाना के इंस्पेक्टर अभिषेक प्रताप सिंह को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया है।

चर्चित आपराधिक कांड में गंभीर लापरवाही सामने आई
मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र के भैरोपट्टी गांव से जुड़ा है, जहां भवन निर्माण सामग्री की कथित लूट के एक चर्चित आपराधिक कांड में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई। वादी डॉ. अरुण कुमार प्रकाश ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उनके निर्माण स्थल से करीब 17-18 लाख रुपये मूल्य की गिट्टी, बालू, ईंट और सरिया चोरी कर ली गई। उन्होंने घटना से संबंधित वीडियो फुटेज उपलब्ध होने का भी दावा किया था।विज्ञापन

प्राथमिकी में भैरोपट्टी निवासी सुनील यादव, राकेश यादव और मोहिपोखर निवासी बबलू कुमार यादव को नामजद किया गया था। वादी का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन्होंने घटना के वीडियो फुटेज अनुसंधानकर्ता गौतम कुमार को उपलब्ध कराए, इसके बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही चोरी गया सामान बरामद किया गया। अनुसंधान में देरी का लाभ उठाते हुए सभी नामजद आरोपियों ने 8 जुलाई 2025 को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत प्राप्त कर ली।विज्ञापन

इस पूरे मामले में कांड संख्या-96/25 के अनुसंधान और पर्यवेक्षण में गंभीर लापरवाही पाई गई। राज्य पुलिस मुख्यालय को प्राप्त शिकायत के आलोक में एसएसपी द्वारा मामले की समीक्षा की गई। शिकायत मधुबनी जिले के लदनियां थाना क्षेत्र निवासी डॉ. अरुण कुमार प्रकाश ने दर्ज कराई थी।

ये भी पढ़ें- Bihar Weather: सावधान! बिहार में 4.6 डिग्री तक पहुंचा पारा, तीन दिनों में और बढ़ेगी ठंड; इन जिलों में अलर्ट

16 दिसंबर 2025 को एसएसपी स्तर पर अनुगमन पुलिस पदाधिकारी (सदरा) और आवेदक की उपस्थिति में मामले की समीक्षा की गई। समीक्षा में यह स्पष्ट हुआ कि 21 फरवरी 2025 को कांड दर्ज होने के बावजूद तत्कालीन बहादुरपुर थाना प्रभारी ने समय पर पर्यवेक्षण नहीं किया। करीब पांच महीने बाद 24 जुलाई 2025 को दी गई समीक्षात्मक टिप्पणी भी सतही पाई गई, जिसमें न तो ठोस साक्ष्यों का उल्लेख था और न ही गहन विवेचना।

पुलिस की इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीआईजी और एसएसपी ने संबंधित अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।विज्ञापन

Post Comment

You May Have Missed