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सहालग के सीजन में बैंकों में कैश नहीं है का लगा बोर्ड, एटीएम भी खाली पड़े

बलिया/बैरिया। शादी विवाह का सीजन शुरू होते ही बैंकों में नगदी कैश की कमी से ग्राहकों को जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर बैंक नगदी न होने का बोर्ड चस्पा कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे नगदी उपलब्ध कराने वाले बैंक एटीएम बंद पड़े है, जो खुले है उसमें पैसा नही है।

खाताधारक एक एटीएम से दूसरे एटीएम का चक्कर लगा रहे हैं, तब भी नगदी नहीं मिल पा रहा है। वैवाहिक कार्यक्रम में खरीदारी सहित अन्य छोटे-मोटे काम में नगदी को लेकर संकट बना हुआ है। घरों में आयोजित शादी कार्यक्रम में रसोई गैस की कमी से जूझ रहे लोगों को अब बैंक में जमा किया हुआ अपना ही पैसा निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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चेस्ट न आने से होगी समस्या

घोघा। शादी विवाह के सीजन शुरू होते ही बांसडीह तहसील क्षेत्र में स्थित बैंकों का एटीएम शो पीस बना हुआ है। कुछ एटीएम खुले थे, लेकिन उसमें पैसा नहीं की तख्ती लटकी हुई थी। यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक नीतीश वर्मा ने बताया कि ब्रांच में कैश की अभी तक कमी नहीं है लेकिन कल तक अगर चेस्ट से पैसा नहीं मिलता है तो ग्राहकों के जमा किए गए पैसों से ही काम चलाना पड़ेगा। एसबीआई शाखा प्रबंधक दिनेश चंद मौर्य ने बताया कि हमारे यहां कैश है। एटीएम में पैसा डाला गया था समाप्त हो गया है। बांसडीह कस्बा निवासी राजेश तिवारी ने कहा कि शादी विवाह के मौसम होने के कारण कई नेवता था एटीएम में कैश नहीं होने के कारण दिक्कतें महसूस हो रही है। रामपुर निवासी संतोष दुबे ने कहा कि हमारा अकाउंट दूसरा जगह होने के कारण पैसा एटीएम से निकाल लेते थे लेकिन एटीएम में पैसा नहीं होने के कारण बच्चों की फीस तथा कॉपी किताब खरीदने में विलंब हो रहा है जिससे परेशानी बढ़ गई है।
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बैरिया क्षेत्र के यूनियन बैंक शाखा, इंडियन बैंक शाखा रानीगंज बाजार, एसबीआई कोटवा रानीगंज, एसबीआई शाखा मुरली छपरा सहित कई बैंकों की शाखाओं में शुक्रवार को रुपये की कमी के कारण ग्राहकों को बिना पैसा के ही वापस लौटना पड़ा। रानीगंज निवासी मनोज कुमार ने कहा कि घर पर लड़की की शादी है। कई काम के लिए नगदी जरूरी होता है। बैंक खाता में पैसा है, लेकिन निकालने पर कर्मचारी कह रहे कि दूसरे दिन मिलेगा। एटीम में पैसा ही नहीं मिल रहा है। कर्ज लेकर काम चलाना पड़ेगा। इसी तरह कई अन्य लोग परेशान है, जिनके घर पर मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन है। मुरली छपरा के शाखा प्रबंधक निर्णय पालीवाल ने बताया कि कैश क्यों नहीं आ रहा है। यह रिजर्व बैंक का मामला है।

शहर क्षेत्र में विभिन्न बैंकों के करीब 20 से अधिक एटीएम है। इसमें आधे से ज्यादा एटीएम के शटर बंद है, कुछ खुले है, लेकिन उसमें पैसा नहीं है। चित्तू पांडेय, स्टेशन, टाउन हाल, ओक्डेनगंज चौकी, बनकटा, सिविल लाइन, एससी कालेज, भृगु आश्रम, कदम चौराहा, सतनी सराय क्षेत्र में स्थापित एटीएम पैसा नही दे रहे हैं। लोग एक दूसरे एटीएम पर पैसा निकालने के लिए भटकते हुए दिखाई पड़ रहे थे। खोरीपाकड़ निवासी मनोज ने कहा कि दो दिन बाद मुंडन है। पास में नगदी नही है। दूसरे से पैसा लेकर काम चलाना पड़ेगा। पाकेट में एटीएम कार्ड शोपीस बन गया है।

आरबीआई से पैसा कम आ रहा है। डिमांड की गई है, जो बैंकों में नकदी जमा हो रहे हैं, उसी से लेनदेन किया जा रहा है। नगदी का संकट जल्द ही खत्म होगा। – सुशील कुमार, एलडीएम बलिया।

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