दरभंगा में जमीन रजिस्ट्री पर बड़ा अपडेट: मिथिला ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए सिर्फ इन 102 गांवों में रोक, अफवाहों से बचें
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में प्रस्तावित ‘मिथिला ग्रीनफील्ड टाउनशिप’ (Mithila Greenfield Township) को लेकर पिछले कुछ दिनों से जमीन की खरीद-बिक्री के नियमों को लेकर आम जनता के बीच काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर उड़ रही अफवाहों के बीच लोग यह मान बैठे थे कि शायद पूरे जिले में जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी गई है।
अब इस मामले में दरभंगा जिला प्रशासन ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। डीएम कौशल कुमार ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक केवल सीमित क्षेत्रों में है, न कि पूरे जिले में।
डीएम कौशल कुमार का स्पष्टीकरण: कहां लगी है रोक?
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्पष्ट किया कि मिथिला ग्रीनफील्ड टाउनशिप एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। प्रशासन ने केवल 3 प्रखंडों के 102 मौजा (गांवों) को इस प्रोजेक्ट के दायरे में रखा है।
रोक वाले मुख्य क्षेत्र:
- बहादुरपुर प्रखंड: बलिया मौजा समेत अन्य चयनित क्षेत्र।
- सदर प्रखंड: टाउनशिप के लिए चिह्नित गांव।
- केवटी प्रखंड: परियोजना के दायरे में आने वाले इलाके।
इन 102 मौजों में वर्तमान में जमीन की खरीद-बिक्री, नया निर्माण और किसी भी प्रकार के भूमि हस्तांतरण पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
बाकी 15 प्रखंडों में सामान्य रजिस्ट्री जारी
जिला निबंधन विभाग की रजिस्ट्रार स्वीटी सुमन ने लोगों को आश्वस्त किया है कि जिले के अन्य 15 प्रखंडों में जमीन की रजिस्ट्री पहले की तरह सामान्य रूप से जारी है। वहां किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। अगर आपकी जमीन इन 102 चिह्नित मौजों से बाहर है, तो आप बिना किसी परेशानी के खरीद-बिक्री कर सकते हैं।
मिथिला ग्रीनफील्ड टाउनशिप: प्रथम चरण में 1600 एकड़ का विकास
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस टाउनशिप के पहले चरण में 1600 एकड़ भूमि पर ‘कोर एरिया’ विकसित किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट न केवल दरभंगा बल्कि पूरे उत्तर बिहार के शहरी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
टाउनशिप की खासियतें और कनेक्टिविटी:
- आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे: यह टाउनशिप सीधे एक्सप्रेसवे से जुड़ी होगी, जिससे पटना और अन्य शहरों तक पहुंच आसान होगी।
- ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर: राष्ट्रीय राजमार्गों के जाल से बेहतर जुड़ाव।
- दरभंगा एम्स (AIIMS): बिहार के दूसरे एम्स के पास होने से यहाँ मेडिकल हब विकसित होगा।
- दरभंगा एयरपोर्ट: हवाई यातायात की सुगमता से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जमीन से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल अधिकृत विभागीय स्रोतों या आधिकारिक वेबसाइट का ही सहारा लें। बिचौलियों या सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अधूरी जानकारी के कारण लोग अपनी संपत्ति के लेन-देन को लेकर पैनिक न करें।
भविष्य की संभावनाएँ
मिथिला ग्रीनफील्ड टाउनशिप का निर्माण दरभंगा को एक स्मार्ट सिटी के रूप में तब्दील कर देगा। बेहतर सड़कों, ड्रेनेज सिस्टम, पार्कों और कमर्शियल जोन के साथ यह इलाका निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह बनने वाला है। यही कारण है कि सरकार इन क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण को रोकने के लिए जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा रही है ताकि मास्टर प्लान के अनुसार ही विकास हो सके।



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