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बिहार: कटिहार में आसमानी बिजली का तांडव, अलग-अलग घटनाओं में 3 की मौत; सीएम ने किया मुआवजे का एलान

कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में सोमवार को कुदरत का कहर देखने को मिला। तेज बारिश के बीच हुए भीषण वज्रपात (ठनका गिरने) की चपेट में आने से तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही पूरे जिले में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस आपदा पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुआवजे की घोषणा की है।

तीन थाना क्षेत्रों में काल बनकर गिरी बिजली

​सोमवार सुबह से ही जिले के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ था। तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी, इसी बीच आसमानी बिजली ने तीन जिंदगियां छीन लीं:

  1. आजमनगर थाना क्षेत्र: यहां के शीतलमनी पंचायत में 65 वर्षीय मोहम्मद अब्बास अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
  2. कोढ़ा थाना क्षेत्र: चंदवा पंचायत के रहने वाले 27 वर्षीय युवा मंगलेश कुमार भी इस आसमानी कहर का शिकार बने। इतनी कम उम्र में उनकी मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
  3. सेमापुर थाना क्षेत्र: इस्लामपुर सुखासन गांव के 45 वर्षीय अकमल हुसैन खेत या काम के सिलसिले में बाहर थे, जब उन पर बिजली गिरी और उन्होंने दम तोड़ दिया।

प्रशासनिक कार्रवाई और पोस्टमार्टम

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थानों की पुलिस और अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। जिला प्रशासन ने आपदा राहत कोष के तहत मिलने वाली सहायता के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक

​बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कटिहार में हुई इन मौतों पर संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया और आधिकारिक बयान के माध्यम से कहा कि आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।

सावधानी की अपील: मौसम विभाग का अलर्ट

​मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की है कि खराब मौसम, तेज गर्जना और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसान और राहगीर पेड़ के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। मौसम विभाग ने भी अगले 24 घंटों के लिए उत्तर बिहार के कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी (Alert) जारी की है।

क्यों खतरनाक हो रहा है ‘ठनका’?

​विशेषज्ञों के अनुसार, बिहार और झारखंड के इलाकों में हाल के वर्षों में वज्रपात की घटनाओं में वृद्धि हुई है। वातावरण में नमी और बढ़ते तापमान के कारण ‘थंडरस्टॉर्म’ की स्थिति बनती है, जो जानलेवा साबित होती है। सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के अभाव के कारण अक्सर लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं।

प्रमुख बिंदु (Quick Highlights):

  • घटना: वज्रपात (ठनका) से तीन की मौत।
  • स्थान: आजमनगर, कोढ़ा और सेमापुर (कटिहार)।
  • मुआवजा: मुख्यमंत्री द्वारा 4-4 लाख रुपये का एलान।
  • चेतावनी: खराब मौसम में घर से बाहर न निकलने की सलाह।
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