Bihar School Timing: पटना में गर्मी का ‘रेड अलर्ट’, डीएम ने बदला स्कूलों का समय; अब 11:30 बजे के बाद नहीं चलेंगी कक्षाएं
पटना। बिहार में सूरज के तल्ख तेवर और भीषण गर्मी (Heatwave) ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी (DM) ने एक बड़ा फैसला लिया है। रविवार को जारी नए आदेश के अनुसार, अब राजधानी पटना के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के संचालन समय में कटौती कर दी गई है।
DM का नया आदेश: क्या बदला?
पटना के जिलाधिकारी ने प्रेस रिलीज जारी कर स्पष्ट किया है कि जिले में बढ़ रहे तापमान और दोपहर के समय पड़ने वाली चिलचिलाती धूप बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। इसी के मद्देनजर, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीएम ने जिले के सभी स्कूलों (कक्षा 8 तक) की गतिविधियों पर सुबह 11:30 बजे के बाद प्रतिबंध लगा दिया है।
आदेश की मुख्य बातें:
- यह आदेश सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा।
- प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी इस प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे।
- कक्षा 8 तक के बच्चों के लिए स्कूल हर हाल में 11:30 बजे तक बंद हो जाने चाहिए।
- यह आदेश 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा।
भीषण गर्मी और लू का खतरा
बिहार के कई जिले वर्तमान में भीषण लू (Loo) की चपेट में हैं। दोपहर के समय तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है। ऐसे में छोटे बच्चों का स्कूल से घर लौटना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। डीएम ने अपने आदेश में विशेष रूप से बच्चों के ‘स्वास्थ्य और जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव’ का उल्लेख किया है। इस आदेश के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि दोपहर की तपिश में बच्चों को घर लाना एक बड़ी चुनौती बन गया था।
स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय सीमा का कड़ाई से पालन करें। यदि कोई विद्यालय 11:30 बजे के बाद शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को सौंपी गई है।
अभिभावकों और बच्चों को मिली राहत
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अभिभावक लगातार स्कूलों का समय बदलने की मांग कर रहे थे। सुबह 11:30 बजे तक स्कूल बंद होने से बच्चे दोपहर की सबसे तीखी धूप से बच सकेंगे। हालांकि, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन के लिए सिलेबस को समय पर पूरा करना एक चुनौती होगा, लेकिन प्रशासन का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा और जान-माल की रक्षा पहली प्राथमिकता है।
आगामी दिनों के लिए सावधानी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है। लू का प्रकोप और बढ़ सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सलाह दी है कि बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाएं, उन्हें सूती कपड़े पहनाएं और दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
निष्कर्ष
पटना डीएम का यह निर्णय समय की मांग था। बिहार में गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही जून जैसा अहसास करा दिया है। प्रशासन का यह कदम न केवल बच्चों को लू से बचाएगा, बल्कि स्कूलों में होने वाली किसी भी अनहोनी की संभावना को भी कम करेगा। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूल से संपर्क कर नए समय सारिणी की पुष्टि कर लें।



Post Comment