बिहार: सासाराम में नवजात की मौत पर बवाल, GST अधिकारी के बच्चे की जान जाने के बाद SDM ने अस्पताल में मारा छापा
भूमिका
बिहार के रोहतास जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। सासाराम शहर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मृत बच्चा सासाराम जीएसटी (GST) कार्यालय में तैनात एक महिला अधिकारी का था। शिकायत मिलते ही सदर एसडीएम ने भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल में छापेमारी की।
क्या है पूरा मामला?
सासाराम स्थित लालगंज नहर के पास ‘समर्पण हॉस्पिटल’ में जीएसटी कार्यालय में कार्यरत महिला अधिकारी ज्योति कुमारी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। शुक्रवार की रात प्रसव के कुछ ही समय बाद उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उपचार में भारी कोताही बरती और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही मासूम की जान गई।
एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी की बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता और पीड़ित अधिकारी की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने सदर डीएसपी कुमार वैभव और पुलिस बल के साथ अस्पताल में औचक छापेमारी की। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। कई कर्मचारी ड्यूटी छोड़कर भागने की कोशिश करते भी दिखे।
अस्पताल के कागजात और सुविधाओं की जांच
छापेमारी के दौरान एसडीएम ने अस्पताल के निम्नलिखित बिंदुओं की गहनता से जांच की:
- मेडिकल लाइसेंस: क्या अस्पताल के पास प्रसव और सर्जरी के लिए वैध लाइसेंस और मानक सुविधाएं हैं?
- उपस्थिति रजिस्टर: घटना के वक्त कौन से डॉक्टर और नर्स ड्यूटी पर तैनात थे?
- उपकरणों की स्थिति: क्या इमरजेंसी की स्थिति में अस्पताल के पास पर्याप्त जीवन रक्षक उपकरण मौजूद थे?
दोषियों पर गिरेगी गाज: लाइसेंस हो सकता है रद्द
सदर डीएसपी कुमार वैभव ने मीडिया को बताया कि बच्चे की मौत के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, इलाज में देरी या मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया जाता है, तो अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ जिम्मेदारों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
निजी अस्पतालों की मनमानी पर आक्रोश
इस घटना के बाद सासाराम और आसपास के इलाकों में निजी अस्पतालों की मनमानी को लेकर स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि शहर के कई निजी नर्सिंग होम बिना पर्याप्त सुविधाओं के चल रहे हैं और मोटी फीस वसूलने के बावजूद मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जाता है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | समर्पण हॉस्पिटल, लालगंज नहर, सासाराम |
| पीड़ित पक्ष | ज्योति कुमारी (GST अधिकारी) |
| जांच अधिकारी | डॉ. नेहा कुमारी (SDM), कुमार वैभव (DSP) |
| आरोप | उपचार में लापरवाही और मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन |
| संभावित कार्रवाई | लाइसेंस रद्द और कानूनी केस |
निष्कर्ष
सासाराम की यह घटना एक बार फिर निजी स्वास्थ्य केंद्रों की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करती है। एक सरकारी अधिकारी के साथ हुई इस लापरवाही ने प्रशासन को हिला कर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई की जाती है, ताकि भविष्य में किसी और मासूम की जान न जाए।



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