बिहार की सियासत में बड़ी हलचल: CM सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से लिया आशीर्वाद, ललन सिंह की मौजूदगी ने बढ़ाए सियासी मायने
भूमिका
बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की बाधा को आसानी से पार करने के बाद सूबे की राजनीति में मुलाकातों का दौर तेज हो गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अचानक पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास ‘1 अणे मार्ग’ पहुंचे। इस मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसद ललन सिंह भी मौजूद थे, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
15 मिनट की मुलाकात और मार्गदर्शन की बात
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करीब 15 मिनट तक नीतीश कुमार के साथ रहे। सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार का आशीर्वाद लिया और सरकार के आगामी रोडमैप पर चर्चा की। गौरतलब है कि फ्लोर टेस्ट के दौरान भी सम्राट चौधरी ने सदन में स्पष्ट किया था कि एनडीए की सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही चल रही है और वे उनके बताए रास्ते पर ही आगे बढ़ेंगे।
पुनौरा धाम के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम मंदिर के लिए रवाना हो गए। वहां वे विशेष पूजा-अर्चना करेंगे और उसके बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से भी भेंट करेंगे। इधर, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी आध्यात्मिक यात्रा पर हैं; वे शनिवार सुबह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में शामिल हुए।
लालू यादव पर सम्राट चौधरी का तीखा हमला
नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए सम्राट चौधरी ने विपक्षी खेमे, खासकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने सदन में अपने संबोधन के दौरान पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा:
- जेल और अत्याचार: “मुझे लालू यादव ने जेल भिजवाया था। मेरे साथ मेरे परिवार के 22 लोग जेल गए थे। अगर लालू यादव ने मुझ पर अत्याचार नहीं किया होता, तो आज मैं बिहार का मुख्यमंत्री नहीं होता।”
- तेजस्वी पर तंज: तेजस्वी यादव के ‘पाठशाला’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पाठशाला किसी की बपौती नहीं है, विरासत से बाहर निकलिए।
- एनडीए की एकता: सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि पूरा एनडीए गठबंधन एक है और प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपने के साथ नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना ही उनका लक्ष्य है।
डिग्री और उम्र के विवाद पर सफाई
हाल के दिनों में सम्राट चौधरी की डिग्री और उनकी उम्र को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए थे। इस पर मुख्यमंत्री ने दोटूक जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अपने हलफनामे (Affidavit) में सारी बातें स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने कहा, “मैं 1995 में जेल गया था। अगर मैं उस समय नाबालिग होता, तो क्या जेल में रहता? मैं कोर्ट भी गया था, सब कुछ रिकॉर्ड पर है।”
सियासी समीकरण: क्या चल रहा है अंदरखाने?
इस मुलाकात को केवल ‘शिष्टाचार भेंट’ के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। ललन सिंह की उपस्थिति यह संकेत देती है कि एनडीए के भीतर जेडीयू और बीजेपी के बीच तालमेल को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। विशेषकर आगामी चुनावों और मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर रणनीतियों पर चर्चा संभव है।
बिहार राजनीति: मुख्य बिंदु
| नेता | गतिविधि/बयान |
|---|---|
| सम्राट चौधरी | नीतीश कुमार से मुलाकात, लालू यादव पर हमला, पुनौरा धाम यात्रा। |
| नीतीश कुमार | एनडीए सरकार के मार्गदर्शक की भूमिका में सक्रिय। |
| विजय सिन्हा | उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। |
| लालू यादव | सम्राट चौधरी ने उन पर परिवार को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। |
निष्कर्ष
सम्राट चौधरी का नीतीश कुमार के प्रति सम्मान दिखाना और साथ ही लालू परिवार पर आक्रामक रहना, बिहार में बीजेपी की नई रणनीति को दर्शाता है। जहाँ एक तरफ वे नीतीश कुमार के अनुभव का सहारा ले रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजद के खिलाफ मोर्चा खोलकर अपनी सियासी जमीन मजबूत कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह ‘आशीर्वाद’ बिहार की राजनीति में क्या रंग लाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।



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