बिहार की सियासत में ‘शब्द युद्ध’: उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव का तेजस्वी पर करारा प्रहार, बोले- पहले वह खुद को देखें
पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों वार-पलटवार का दौर चरम पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब निजी हमलों तक जा पहुँची है। ताजा मामला नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था (Law and Order) पर सवाल उठाए थे। इस पर उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव ने बेहद तल्ख अंदाज में पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव की योग्यता और उनके अतीत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेजस्वी का ‘अपराधी सम्राट’ वाला बयान और बवाल
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से बिहार में हुई आपराधिक घटनाओं को लेकर तेजस्वी यादव सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने एक हालिया बयान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नाम पर तंज कसते हुए कहा था कि बिहार में अब “अपराधी ही सम्राट हो गए हैं।” तेजस्वी ने आरोप लगाया था कि प्रदेश में पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
उपमुख्यमंत्री का तीखा पलटवार: “वह खुद क्या हैं?”
वीर कुंवर सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव से तेजस्वी के आरोपों पर सवाल पूछा, तो वह बिफर पड़े। उन्होंने बेहद सख्त लहजे में कहा, “वह (तेजस्वी) खुद क्या हैं? पहले उनसे यह पूछा जाए।” विजेंद्र यादव ने आगे कहा कि जो लोग खुद सवालों के घेरे में रहे हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपनी स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने तेजस्वी के ‘सम्राट’ वाले बयान को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल राजनीतिक रोटियाँ सेकने का जरिया बताया।
वीर कुंवर सिंह को दी गई श्रद्धांजलि
यह राजनीतिक गहमागहमी उस वक्त हुई जब उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा बाबू वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुँचे थे। श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद विजेंद्र यादव ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य बिहार में शांति की स्थापना और विकास की गति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में बदलाव की लहर है और सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
राजद और एनडीए के बीच बढ़ती तल्खी
उपमुख्यमंत्री के इस आक्रामक तेवर से राजनीतिक पंडितों का मानना है कि आने वाले दिनों में राजद और सत्ताधारी गठबंधन के बीच टकराव और बढ़ेगा। तेजस्वी यादव जहाँ बेरोजगारी और अपराध को मुद्दा बना रहे हैं, वहीं सरकार उनके शासनकाल (15 साल के लालू-राबड़ी राज) की याद दिलाकर उन्हें घेरने की कोशिश कर रही है।
अन्य महत्वपूर्ण खबरें: पुलिसकर्मियों के लिए अल्टीमेटम
एक ओर जहाँ राजनीतिक बयानबाजी तेज है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने वर्दी में रील्स बनाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अल्टीमेटम जारी किया है। मुख्यालय का कहना है कि ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना अनुशासनहीनता है और ऐसे कर्मियों पर गाज गिरना तय है।
मौसम का मिजाज: हीट वेव का अलर्ट
सियासी पारे के साथ-साथ बिहार का प्राकृतिक पारा भी चढ़ा हुआ है। पटना, गया और बक्सर समेत कई जिलों में हीट वेव (Heat Wave) का अलर्ट जारी किया गया है। सुबह से ही झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष: उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। अब देखना यह होगा कि राजद और तेजस्वी यादव इस निजी हमले का जवाब किस तरह देते हैं। एक तरफ विकास और शांति का दावा है, तो दूसरी तरफ बढ़ते अपराध के आरोप—बिहार की जनता फिलहाल इस ‘दावों के दंगल’ के बीच फंसी है।



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