पटना में गर्मी का सितम: 24 घंटे में दोबारा बदला स्कूलों का समय, अब सुबह 11:30 बजे तक ही खुलेंगे प्राथमिक विद्यालय
भीषण गर्मी और लू के बीच प्रशासन का सख्त फैसला
पटना। राजधानी पटना में आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने महज 24 घंटे के भीतर स्कूलों के समय में दोबारा बदलाव का आदेश जारी किया है।
यह आदेश जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी अनिवार्य रूप से लागू होगा।
क्या है स्कूलों का नया समय? (प्रभावित तिथियां: 22 से 25 अप्रैल 2026)
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नई समय-सारणी इस प्रकार है:
| कक्षा | स्कूल बंद होने का नया समय |
|---|---|
| प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी और कक्षा 5 तक | सुबह 11:30 बजे तक |
| कक्षा 6 से कक्षा 8 तक | दोपहर 12:30 बजे तक |
नोट: दोपहर 12:30 बजे के बाद किसी भी स्थिति में कक्षा 8 तक के स्कूलों के संचालन पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है।
क्यों बदला गया 24 घंटे में फैसला?
सोमवार को जारी आदेश में कक्षा 5 तक के स्कूलों को दोपहर 12:30 बजे तक संचालित करने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, पिछले 24 घंटों में तापमान में हुई अचानक वृद्धि और दोपहर की भीषण लू (Heatwave) को देखते हुए अभिभावकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी। इसी के मद्देनजर डीएम ने पुराने आदेश को निरस्त करते हुए नया आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत जारी किया है।
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
लगातार बढ़ते पारे और तपती धूप के बीच बच्चों को स्कूल भेजने में माता-पिता डरे हुए थे। स्कूल के समय में कटौती होने से बच्चों को चिलचिलाती धूप में घर लौटने से बड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने का अनुमान जताया है, जिसे देखते हुए यह प्रशासनिक फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
भीषण गर्मी में बच्चों के लिए स्वास्थ्य सलाह (Health Tips)

- हाइड्रेशन: बच्चों को स्कूल से लौटने के बाद ओआरएस (ORS), नींबू पानी या ग्लूकोज दें।
- सूती कपड़े: बच्चों को हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनाएं।
- खान-पान: बाहर की तली-भुनी चीजों से परहेज करें और मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा का सेवन बढ़ाएं।
- धूप से बचाव: यदि दोपहर में बाहर निकलना पड़े, तो सिर को गीले तौलिए या छाते से जरूर ढकें।



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