सम्राट चौधरी का विपक्ष पर प्रहार: “महिला आरक्षण और परिसीमन पर रोड़ा अटका रही कांग्रेस-लालू की जोड़ी”
पटना, बिहार: बिहार की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्षी गठबंधन, विशेषकर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि बिहार की जनता आने वाले समय में उनसे कड़े सवाल पूछेगी। सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास और सुधारों की राह में बाधा बन रहा है।
विपक्ष पर सहयोग न करने का गंभीर आरोप
कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों पर असहयोग का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का जिक्र किया। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष के नकारात्मक रवैए के कारण इन महत्वपूर्ण बदलावों में देरी हो रही है।
प्रमुख बिंदु:
- 2029 का लक्ष्य: यदि महिला आरक्षण और परिसीमन बिल सुचारू रूप से आगे बढ़ते, तो 2029 के लोकसभा चुनाव तक ये पूरी तरह लागू हो सकते थे।
- विपक्ष का रवैया: मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि कैसे विपक्ष ने संसद और बाहर इन बिलों को लेकर अड़ंगा लगाया।
NDA की अगली तैयारी: मिशन बिहार
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि एनडीए अब रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए की अगली तैयारी बिहार के हर जिले में जाकर जनता को यह बताना है कि कैसे विपक्ष ने उनके अधिकारों (विशेषकर महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों) को रोकने की कोशिश की है।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के जिला अध्यक्ष कपिल कुमार सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। कुशवाहा नेताओं ने भी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने केवल वोट बैंक की राजनीति की है, जबकि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एनडीए धरातल पर बदलाव ला रहा है।
क्या होगा असर?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सम्राट चौधरी का यह बयान आने वाले विधानसभा चुनावों और 2029 के रोडमैप के लिए जमीन तैयार कर रहा है। महिला आरक्षण को मुद्दा बनाकर एनडीए महिला मतदाताओं के बड़े वर्ग को अपने पाले में करने की कोशिश में है।



Post Comment