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वैशाली में दर्दनाक हादसा: गंगा में नहाने के दौरान डूबे भाई-बहन, बचाने की कोशिश में 6 लोग आए थे चपेट में

वैशाली/राघोपुर: बिहार के वैशाली जिले के रुस्तमपुर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ गंगा नदी में स्नान करने के दौरान ममेरे-फुफेरे भाई-बहन गहरे पानी में समा गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक युवती को डूबते देख उसे बचाने के लिए परिवार के अन्य सदस्य भी पानी में कूद पड़े। प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें पिछले कई घंटों से तलाश में जुटी हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।

कैसे हुआ यह हादसा?

​घटना सोमवार सुबह की है। बताया जा रहा है कि पटना के धनरूआ का रहने वाला निशांत कुमार और दीदारगंज की मानती कुमारी अपने रिश्तेदारों के घर आए हुए थे। परिवार के सात लोग (5 महिलाएं और 2 पुरुष) कच्ची दरगाह घाट के पास स्नान करने पहुंचे थे। नदी का जलस्तर कम समझकर सभी लोग पीपा पुल के पास नहाने लगे।

​अचानक मानती कुमारी का पैर गहरे गड्ढे में चला गया और वह डूबने लगी। उसे बचाने के फेर में निशांत समेत कुल छह लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आ गए।

स्थानीय लोगों की तत्परता से बची 4 जानें

​नदी किनारे मौजूद लोगों ने जब शोर सुना, तो वे तुरंत बचाव के लिए पानी में कूदे। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद 4 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, निशांत कुमार (पिता अरविंद शर्मा) और मानती कुमारी (पिता सुधीर शर्मा) को बचाया नहीं जा सका और वे तेज धारा के साथ गहरे पानी में बह गए।

SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

​हादसे की सूचना मिलते ही रुस्तमपुर थाना पुलिस और अंचलाधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ (SDRF) की दो टीमों को तुरंत सर्च ऑपरेशन के लिए लगाया गया। देर शाम तक मोटरबोट के जरिए नदी की खाक छानी गई, लेकिन डूबे हुए दोनों युवाओं का कोई सुराग नहीं मिल सका है।

परिजनों में मचा कोहराम

​निशांत के पिता बनारस में कारपेंटर का काम करते हैं, उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है। घाट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग ईश्वर से किसी चमत्कार की प्रार्थना कर रहे हैं।

प्रशासन की चेतावनी

​राघोपुर के प्रभारी सीओ राजीव रंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए लोगों से अपील की है कि वे गंगा नदी के अनजान घाटों या पीपा पुल के पास स्नान करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। नदी के भीतर कई जगह अचानक गहरे गड्ढे होने के कारण ऐसे हादसे अक्सर सामने आते हैं।

निष्कर्ष: यह हादसा हमें एक बार फिर नदी के खतरों के प्रति सचेत करता है। बचाव कार्य अभी भी जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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