बिहार की सियासत में ‘महा-बदलाव’: नीतीश कुमार जल्द छोड़ेंगे मुख्यमंत्री की कुर्सी, विजय चौधरी ने किया बड़ा खुलासा
पटना: बिहार की राजनीति में पिछले दो दशकों से चला आ रहा ‘नीतीश युग’ अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली रवाना होने के साथ ही उनके इस्तीफे की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और नीतीश कुमार के बेहद करीबी विजय चौधरी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले दो-तीन दिनों के भीतर बिहार को नया नेतृत्व मिल सकता है।
“2-3 दिन का कीजिए इंतजार”
पटना में मीडिया से बात करते हुए विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद नीतीश जी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। आप बस 2-3 दिन इंतजार कीजिए, तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।”
विजय चौधरी ने यह भी जोर दिया कि यह फैसला किसी दबाव में नहीं बल्कि एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पूरा एनडीए (NDA) गठबंधन इस मुद्दे पर एक साथ है और सभी सहयोगी दल नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यों का सम्मान करते हैं।
नीतीश मॉडल और विरासत की चर्चा
विजय चौधरी ने नीतीश कुमार के शासनकाल को ‘नीतीश मॉडल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार ने पिछले 20 वर्षों में विकास की जो ऊंचाइयां छुई हैं, वे बेमिसाल हैं।
“नीतीश मॉडल का अनुसरण आज अन्य राज्यों के लोग भी करते हैं। हमें उनकी इसी विरासत को आगे ले जाना है। एनडीए की अगली सरकार इसी दिशा में काम करेगी।”
निशांत कुमार की सक्रियता पर मुहर
रिपोर्ट में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि वे पहले ही पार्टी (जदयू) से जुड़ चुके हैं और आने वाले समय में संगठन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसे पार्टी के भीतर उत्तराधिकार की राजनीति और युवाओं को जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कल दिल्ली में शपथ ग्रहण समारोह
नीतीश कुमार आज दोपहर दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल को दोपहर 12:15 बजे नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इस समारोह के लिए संसद भवन में विशेष तैयारियां की गई हैं।
बिहार का अगला चेहरा कौन?
नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबर ने राज्य की राजनीति में ‘अगला मुख्यमंत्री कौन?’ के सवाल को जन्म दे दिया है। जहाँ एक तरफ भाजपा कार्यालय के बाहर सम्राट चौधरी के पक्ष में नारेबाजी और पोस्टरबाजी हो रही है, वहीं जदयू अपनी विरासत को सुरक्षित रखने की कोशिश में है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
निष्कर्ष
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से हटना न केवल बिहार बल्कि देश की राजनीति के लिए एक बड़ी घटना है। उनके इस्तीफे के बाद बिहार में गठबंधन का स्वरूप क्या होगा और शक्ति का संतुलन किसके पक्ष में झुकेगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।



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