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बिहार: बाढ़ में जमीनी विवाद ने लिया खूनी रूप; घर बनाने से रोका तो भैसुर और भतीजे ने महिला को सरेआम मारी गोली

बाढ़ (पटना)। बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल से रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। अथमलगोला थाना अंतर्गत मेउरा गांव में मंगलवार सुबह करीब 5:00 बजे आपसी रंजिश और जमीनी विवाद में एक दिव्यांग महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप मृतका के अपने ही भैसुर (पति के बड़े भाई) और भतीजे पर लगा है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है।

क्या है पूरा मामला?

​मृतका की पहचान रघुवंश यादव की 35 वर्षीय पत्नी मीना देवी के रूप में हुई है, जो एक पैर से दिव्यांग थीं। परिजनों के अनुसार, रघुवंश यादव अपने घर के बाहर ही समोसा-लिट्टी की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

​विवाद की जड़ भाइयों के बीच जमीन का बंटवारा है। रघुवंश के तीन भाइयों के बीच हाल ही में बंटवारा हुआ था। बड़े भाई श्लोक यादव ने अपना नया घर पहले ही बना लिया था। विवाद तब शुरू हुआ जब मंझले भाई रघुवंश ने अपनी जमीन पर घर बनाना शुरू किया। आरोप है कि श्लोक यादव उस जमीन पर फिर से अपना दावा ठोक रहा था और निर्माण कार्य में बाधा डाल रहा था।

घात लगाकर किया हमला

​मृतका के देवर परमहंस प्रसाद ने बताया कि बड़े भाई श्लोक यादव पिछले कई दिनों से घर से गायब थे। वह सोमवार रात करीब 9:00 बजे गुपचुप तरीके से घर लौटे। मंगलवार सुबह जैसे ही मीना देवी घर से बाहर निकलीं, पहले से घात लगाकर बैठे श्लोक यादव और उसके बेटे चंद्रभूषण कुमार ने उन पर गोलियां चला दीं। मीना देवी को दो गोलियां लगीं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

आरोपियों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास

​अथमलगोला थाना अध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार हिंसक झड़पें हो चुकी हैं। करीब 2-3 महीने पहले भी मारपीट की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार:

  • ​आरोपी श्लोक प्रसाद और उसके बेटे का पुराना आपराधिक इतिहास है।
  • ​श्लोक का एक बेटा पहले से ही एक ट्रिपल मर्डर केस में जेल में बंद है।
  • ​वर्ष 2023 में भी इन भाइयों के बीच गोलीबारी की घटना हो चुकी थी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ-2 आयुष श्रीवास्तव और अथमलगोला पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

​एसडीपीओ ने बताया कि प्राथमिक जांच में हत्या का कारण नया घर बनाने को लेकर उपजा जमीनी विवाद ही सामने आया है। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने का आश्वासन दिया है।

निष्कर्ष

​जमीन के एक छोटे से टुकड़े के लिए अपनों का ही खून बहाने की यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है। एक दिव्यांग महिला की बेरहमी से हत्या ने मेउरा गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक पकड़ पाती है।

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