बिहार में ‘रफ्तार का कहर’: पेट्रोल पंप से निकले छात्र को बस ने रौंदा, मौके पर मौत; भड़का जन-आक्रोश
सारण, 22 मार्च 2026: बिहार के सारण जिले में छपरा-सीवान राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-531) पर एक बार फिर ‘रफ्तार के कहर’ का भयावह मंजर देखने को मिला। दरौंदा थाना क्षेत्र के धनौती पेट्रोल पंप के समीप रविवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 वर्षीय छात्र प्रितेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार बस ने पेट्रोल पंप से निकले बाइक सवार छात्र को कुचल दिया, जिससे इलाके में मातम पसर गया है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ उस मनहूस रविवार को?
मृतक छात्र की पहचान दरौंदा थाना क्षेत्र के मछौती गांव निवासी स्वर्गीय अच्छेलाल राम के पुत्र प्रितेश कुमार के रूप में हुई है। प्रितेश अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर धनौती पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर दरौंदा बाजार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान, सीवान से बोकारो जा रही ‘गणराज लग्जरी बस’ नामक एक तेज रफ्तार यात्री बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रितेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार दूसरा व्यक्ति मामूली रूप से घायल हुआ। हादसे के बाद बस भी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी और एक पेड़ से टकरा गई। बस में सवार कई यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से प्राथमिक उपचार के बाद अन्य वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजा गया।
मातम में डूबा मछौती गांव, फरार हुए आरोपी
प्रितेश कुमार की मौत की खबर जैसे ही उनके मछौती गांव पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्वर्गीय अच्छेलाल राम के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के बाद, चालक और बस के अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गए, जिससे लोगों में गुस्सा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि इस तरह के हादसों के बाद दोषियों का आसानी से फरार हो जाना पुलिस और प्रशासन की ढिलाई को दर्शाता है।
थाना प्रभारी का गैर-जिम्मेदाराना बयान: आक्रोश की नई वजह
इस पूरे मामले में दरौंदा थाना प्रभारी विकास कुमार सिंह का बयान आग में घी का काम कर गया। जब मीडिया प्रतिनिधियों ने उनसे हादसे के संबंध में जानकारी लेने के लिए संपर्क किया, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे सीवान में एक मीटिंग में हैं और उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है।
थाना प्रभारी के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से स्थानीय लोगों और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी और गंभीर घटना के बाद भी संबंधित थाना प्रभारी का अंजान बने रहना बेहद चिंताजनक और निंदनीय है। यह दर्शाता है कि स्थानीय पुलिस अपने क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के प्रति कितनी लापरवाह है।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें:
- दोषी बस चालक और कर्मचारियों की तत्काल गिरफ्तारी।
- तेज रफ्तार बसों पर लगाम लगाने के लिए सख्त कार्रवाई।
- लापरवाह थाना प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई।
- मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा।
निष्कर्ष
प्रितेश कुमार की मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक जीता-जागता उदाहरण है। यह घटना सारण में सड़क सुरक्षा के दावों पर प्रश्नचिह्न लगाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी अनमोल जानें बेवजह सड़क हादसों का शिकार न हों।



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