बिहार के औद्योगिक युग का आगाज़: बिहटा में 171 करोड़ के MSME टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन; युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
पटना/बिहटा। बिहार के औद्योगिक मानचित्र पर आज एक सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। पटना के बिहटा (सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र) में नवनिर्मित अत्याधुनिक MSME प्रौद्योगिकी केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संयुक्त रूप से इस केंद्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर न केवल बिहटा के मुख्य केंद्र, बल्कि मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में बने नए एक्सटेंशन सेंटर्स का भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया गया।
200 करोड़ का निवेश और आधुनिक ढांचा
भारत सरकार के MSME विभाग द्वारा लगभग 200 करोड़ रुपये की कुल लागत से इन केंद्रों को तैयार किया गया है। इसमें अकेले बिहटा स्थित मुख्य प्रौद्योगिकी केंद्र के निर्माण पर 171 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह केंद्र उच्च तकनीक वाली मशीनों, प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं और आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी: ‘आत्मनिर्भर भारत की ओर ठोस कदम’
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि यह केंद्र बिहार की पारंपरिक अर्थव्यवस्था को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जोड़ने का काम करेगा।
”बिहटा का यह केंद्र न केवल आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगा, बल्कि स्थानीय उद्यमियों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को बिहार की जमीन पर उतारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी: ‘युवा अब बनेंगे जॉब क्रिएटर’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दिन को बिहार के विकास के लिए ‘ऐतिहासिक’ बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को ‘मेक इन बिहार’ विजन के जरिए निवेश और नवाचार का हब बनाना है।
- कौशल विकास: इस केंद्र में युवाओं को डिप्लोमा और ITI जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
- रोजगार सृजन: प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- औद्योगिक प्रगति: मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर के एक्सटेंशन सेंटर स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योगों को तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।
योजनाओं का लाभ और टूलकिट वितरण
उद्घाटन समारोह केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धरातल पर योजनाओं का लाभ भी पहुँचाया गया:
- पीएम विश्वकर्मा योजना: कारीगरों को आधुनिक टूलकिट वितरित किए गए।
- PMEGP योजना: नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए चेक प्रदान किए गए।
- SC/ST हब योजना: लाभार्थियों को प्रमाणपत्र देकर उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बिहार में प्रशासनिक फेरबदल
इसी कार्यक्रम के बीच बिहार सरकार द्वारा प्रशासनिक सुधारों की भी जानकारी सामने आई। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से सीके अनिल को हटा दिया गया है और बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के कई अधिकारियों का तबादला किया गया है, ताकि औद्योगिक और विकास कार्यों में और तेजी लाई जा सके।
निष्कर्ष
बिहटा में इस टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना से बिहार के युवाओं को अब तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यह केंद्र आने वाले समय में बिहार के आर्थिक कायाकल्प और ‘इमेज बिल्डिंग’ में मील का पत्थर साबित होगा



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