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बिहार: ‘या तो सुधरें या राज्य छोड़ें’, नए दफ्तर में बैठते ही सम्राट चौधरी का अपराधियों को सीधा अल्टीमेटम:-

पटना: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में आज उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे सम्राट चौधरी ने अपने नए कार्यालय में कदम रखा। पुराने सचिवालय में नवनिर्मित कार्यालय का कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। सम्राट चौधरी ने दो-टूक शब्दों में राज्य के अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बिहार में अब कानून का राज और कड़ा होगा।

नए कार्यालय से नई शुरुआत

​पिछले कुछ समय से पुराने सचिवालय में सम्राट चौधरी के लिए एक आधुनिक और सुसज्जित कार्यालय तैयार किया जा रहा था। रविवार को निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उन्होंने विधिवत रूप से यहाँ अपना कामकाज शुरू किया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने गृह विभाग और बिहार पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाना था।

अपराधियों को सीधी चेतावनी: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

​बैठक के दौरान सम्राट चौधरी का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ‘जीरो टॉलरेंस ऑन क्राइम’ है। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा, “बिहार अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहेगा। जो भी कानून को चुनौती देने की कोशिश करेगा, उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।”

​उन्होंने अपराधियों के लिए केवल दो ही रास्ते छोड़े हैं:

  1. ​या तो वे अपराध का रास्ता छोड़कर खुद को सुधार लें।
  2. ​अन्यथा उन्हें बिहार की सीमा छोड़कर बाहर जाना होगा।

​उपमुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को पूरी स्वतंत्रता देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को किसी के आदेश का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। वे कानून के दायरे में रहकर अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाएं।

पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा तालमेल

​सिर्फ कानून के डंडे ही नहीं, सम्राट चौधरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली में संवेदनशीलता लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को आम जनता के दिलों में अपनी जगह बनानी होगी। जब तक आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा, तब तक कानून व्यवस्था का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

​उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, राजधानी पटना में बढ़ती ट्रैफिक की समस्या को लेकर भी चिंता जताई और अधिकारियों से ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की।

निष्कर्ष

​सम्राट चौधरी का यह बयान बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की बदली हुई और आक्रामक रणनीति का संकेत है। नए कार्यालय से दी गई यह चेतावनी राज्य के अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने और आम जनता के विश्वास को बहाल करने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।

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