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PUSU Election: पटना विश्वविद्यालय चुनाव में महासंग्राम, ABVP से बगावत कर क्यों निर्दलीय मैदान में उतरे आंचल?

पटना: पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ (PUSU) चुनाव की सरगर्मी अपने चरम पर है। 28 फरवरी को होने वाले मतदान से ठीक पहले आयोजित ‘अध्यक्षीय भाषण’ (Presidential Speech) के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। पटना साइंस कॉलेज परिसर में जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की अध्यक्ष पद की उम्मीदवार अनुष्का मंच पर भाषण देने पहुंचीं, तो विपक्षी छात्रों और बागी गुटों ने ‘ABVP Go Back’ के नारों के साथ उनका जमकर विरोध किया।

अध्यक्षीय भाषण में भारी हंगामा

​चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गुरुवार को सभी उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया था। लेकिन जैसे ही अनुष्का ने अपना संबोधन शुरू किया, वहां मौजूद जदयू (JDU) समर्थक छात्रों और निर्दलीय उम्मीदवार आंचल के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और पुलिस प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

क्यों हुई बगावत? आंचल के गंभीर आरोप

​इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा निर्दलीय उम्मीदवार आंचल की हो रही है। आंचल लंबे समय तक ABVP के सक्रिय नेता रहे हैं, लेकिन टिकट वितरण के अंतिम समय में उन्होंने संगठन से नाता तोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया।

​’अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में आंचल ने संघ पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

  • अहंकार और टिकट का खेल: आंचल का दावा है कि संगठन के कुछ पदाधिकारियों में अहंकार आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ नामांकन तो किया गया, लेकिन आधिकारिक प्रेस रिलीज में अचानक किसी अन्य छात्रा (अनुष्का) का नाम डाल दिया गया, जिसे कैंपस में कोई नहीं जानता।
  • टिकट बेचने का आरोप: आंचल ने सीधे तौर पर संगठन मंत्री और क्षेत्रीय संगठन मंत्री राघव शुक्ला पर सवाल उठाते हुए टिकटों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि आखिर टिकट चयन में बाहरी हस्तक्षेप क्यों था?
  • वोटरों को लुभाने के लिए फंड: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पटना महिला कॉलेज (PWC) में छात्रों को मुफ्त चाट, समोसा और अन्य प्रलोभन देने के लिए रुपयों का बंदरबांट किया गया है।

अनुष्का के दावों पर पलटवार

​ABVP उम्मीदवार अनुष्का ने पहले सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने और प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इस पर आंचल ने स्पष्ट रूप से कहा कि ये सब केवल ‘सिम्पैथी कार्ड’ (सहानुभूति) खेलने का तरीका है। उन्होंने पिछले चुनाव की विजेता सलोनी राज का उदाहरण देते हुए कहा कि सलोनी के आरोपों में दम था, लेकिन वर्तमान आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। आंचल ने दावा किया कि ABVP का ‘कोर वोटर’ आज भी उनके साथ है।

मतदान और परिणाम का शेड्यूल

​पटना विश्वविद्यालय में लोकतंत्र का यह उत्सव अब अपने अंतिम चरण में है:

  • मतदान: 28 फरवरी, सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक।
  • मतगणना: 28 फरवरी, शाम 4:30 बजे से शुरू।
  • परिणाम: 28 फरवरी की देर रात तक आधिकारिक घोषणा।

​इस बार का मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है, जहां एक तरफ स्थापित छात्र संगठन हैं, तो दूसरी तरफ ‘बागी’ और निर्दलीय उम्मीदवार राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के लिए तैयार हैं।

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