Loading Now

पटना मेट्रो का तोहफा: रामनवमी से पहले पटरी पर दौड़ेगी ट्रेन, 6.2 KM लंबे रूट की शुरुआत जल्द

पटना, बिहार: राजधानी पटना के निवासियों का मेट्रो में सफर करने का सपना अब हकीकत में बदलने वाला है। नीतीश सरकार रामनवमी से पहले पटनावासियों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। ताजा अपडेट के अनुसार, पटना मेट्रो के 6.2 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता खंड (Priority Corridor) पर परिचालन शीघ्र शुरू होने जा रहा है।

​हाल ही में भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच मेट्रो का सफल ट्रायल रन पूरा किया गया है, जिसके बाद अब केवल अंतिम सुरक्षा जांच का इंतजार है।

भूतनाथ से मलाही पकड़ी तक सफल ट्रायल

​26 फरवरी 2026 को पटना मेट्रो रेल निगम लिमिटेड (PMRCL) ने भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच परिचालन का गहन ट्रायल रन आयोजित किया। इस ट्रायल के दौरान सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रखी गई थी। स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है और उनका मानना है कि मेट्रो शुरू होने से पटना की सबसे बड़ी समस्या ‘ट्रैफिक जाम’ से बड़ी राहत मिलेगी।

मार्च में होगी सुरक्षा जांच (CMRS Inspection)

​पटना मेट्रो के अधिकारियों के अनुसार, कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम मार्च 2025 के पहले सप्ताह में पटना का दौरा करेगी। यह टीम मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशनों के बीच निम्नलिखित पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी:

  • ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम: क्या ट्रेनें सुरक्षित गति से दौड़ सकती हैं?
  • प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षा: यात्रियों के चढ़ने और उतरने के इंतजाम।
  • तकनीकी पहलू: बिजली आपूर्ति और आपातकालीन ब्रेक सिस्टम।

​यदि CMRS की टीम हरी झंडी दे देती है, तो होली के तुरंत बाद और रामनवमी से पहले मेट्रो आम जनता के लिए खोल दी जाएगी।

प्राथमिकता खंड (Priority Corridor) की विशेषताएँ

​शुरुआती चरण में मेट्रो 5 प्रमुख स्टेशनों के बीच दौड़ेगी। मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक के इस 6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है ताकि बस स्टैंड आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा हो सके।

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट: एक नजर में

​पटना मेट्रो रेल परियोजना के तहत कुल 26 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इसे दो मुख्य कॉरिडोर में बांटा गया है:

  1. कॉरिडोर 1 और 2: कुल लंबाई लगभग 32.5 किलोमीटर।
  2. स्टेशनों का प्रकार: इसमें 13 एलिवेटेड (ऊपर) और 13 अंडरग्राउंड (जमीन के नीचे) स्टेशन शामिल हैं।
  3. इंटरचेंज स्टेशन: पटना जंक्शन और खेमनीचक को इंटरचेंज स्टेशन बनाया गया है, जहाँ से यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन के लिए ट्रेन बदल सकेंगे।
विवरणआंकड़े
कुल मेट्रो स्टेशन26
एलिवेटेड ट्रैक की लंबाई13.91 KM
अंडरग्राउंड ट्रैक की लंबाई18.59 KM
पहले चरण में परिचालन6.2 KM

जाम से मिलेगी मुक्ति, विकास को मिलेगी रफ्तार

​पटना में अशोक राजपथ, कंकड़बाग और बेली रोड जैसे इलाकों में जाम एक बड़ी समस्या है। मेट्रो के आने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार विधान सभा चुनाव की औपचारिक घोषणाओं से पहले मेट्रो के एक बड़े हिस्से को कार्यात्मक बना दिया जाए।

निष्कर्ष:

पटना मेट्रो न केवल परिवहन का साधन है, बल्कि यह बिहार की बदलती तस्वीर का प्रतीक भी है। यदि आप भी पटना में रहते हैं, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि इस साल की रामनवमी आपके लिए मेट्रो की सवारी की सौगात लेकर आ रही है।

Previous post

अमित शाह का सीमांचल दौरा: घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और ‘वाइब्रेंट विलेज’ पर महामंथन, जानें क्या है पूरा एजेंडा

Next post

PUSU Election: पटना विश्वविद्यालय चुनाव में महासंग्राम, ABVP से बगावत कर क्यों निर्दलीय मैदान में उतरे आंचल?

Post Comment

You May Have Missed