मुंगेर सड़क हादसा: एनएच-80 पर बरात देख रहे युवक को तेज रफ्तार वाहन ने रौंदा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र की मौके पर मौत
बिहार के मुंगेर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। बरियारपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-80 पर मंगलवार की देर रात एक अनियंत्रित वाहन ने सड़क किनारे खड़े होकर बरात देख रहे एक युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेलगाम दौड़ते वाहनों और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरियारपुर थाना क्षेत्र के निवासी आनंदी मंडल का 32 वर्षीय पुत्र चंद्रशेखर कुमार रात के समय घर से टहलने निकला था। वह ब्रह्मस्थान स्थित हनुमान मंदिर के पास एनएच-80 के किनारे खड़ा होकर वहां से गुजर रही एक बरात को देख रहा था। इसी दौरान बरियारपुर की ओर से मुंगेर की तरफ जा रही एक अज्ञात तेज रफ्तार चार पहिया वाहन (संभवतः कार) ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वाहन की गति इतनी अधिक थी कि चालक नियंत्रण खो बैठा और युवक को रौंदते हुए तेजी से फरार हो गया।
घर का इकलौता सहारा और सपनों का अंत
मृतक चंद्रशेखर कुमार ने हाल ही में स्नातक (Graduation) की पढ़ाई पूरी की थी और वह पूरी लगन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि चंद्रशेखर जल्द ही सरकारी नौकरी पाकर घर की आर्थिक स्थिति सुधारेगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। घटना के बाद से उसकी मां शारदा देवी और पिता आनंदी मंडल का रो-रोकर बुरा हाल है। मां के करुण विलाप से पूरा गांव गमगीन है। वह बार-बार यही कह रही थी कि “भगवान ने मेरे बेटे को क्यों छीन लिया, उसे अभी बहुत कुछ करना था।”
पुलिस की कार्रवाई और फरार वाहन की तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय बरियारपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मुंगेर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार चालक और वाहन की पहचान की जा सके।
सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल
एनएच-80 पर अक्सर तेज रफ्तार के कारण हादसे होते रहते हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरियारपुर के पास वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हैं। विशेषकर शादी-ब्याह के सीजन में जब सड़कों पर भीड़ अधिक होती है, तब पुलिस गश्त और गति सीमा का पालन न होना ऐसे हादसों को निमंत्रण देता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में स्पीड ब्रेकर या पुलिस चेक पोस्ट की व्यवस्था की जाए।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि सड़क पर चलते समय और वाहन चलाते समय सावधानी कितनी अनिवार्य है। एक छोटी सी लापरवाही किसी के जीवन के सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।



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