जहानाबाद में बेखौफ अपराधी: नाला निर्माण स्थल पर मांगी रंगदारी, मना करने पर मशीनें फूँकीं; काम बंद
जहानाबाद, बिहार: बिहार में विकास कार्यों के बीच एक बार फिर अपराधियों का साया मंडराने लगा है। ताजा मामला जहानाबाद जिले के मखदुमपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक नाला निर्माण स्थल पर अज्ञात बदमाशों ने जमकर तांडव मचाया। रंगदारी (लेवी) की मांग पूरी न होने पर अपराधियों ने निर्माण सामग्री और मशीनों में आग लगा दी, जिसके बाद से मजदूरों और ठेकेदारों के बीच दहशत का माहौल है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मखदुमपुर क्षेत्र में BUDCO (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) के तहत नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। यह कार्य ‘विश्वनाथ निर्माण कंपनी’ (Vishwanath Nirman Company) द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे ठेकेदार शैलेंद्र कुमार (निवासी तिलकई, थाना विशुनगंज) ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से कुछ अज्ञात अपराधी निर्माण स्थल पर आकर काम रोकने की धमकी दे रहे थे और मोटी रकम की मांग कर रहे थे।
आगजनी और लूटपाट से भारी नुकसान
ठेकेदार द्वारा दर्ज कराए गए आवेदन के अनुसार, लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने देर रात निर्माण स्थल पर धावा बोला। जब उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उन्होंने साइट पर खड़ी मिक्सर मशीन में आग लगा दी। बदमाशों ने सीमेंट ढकने वाले तिरपाल जला दिए और वहां रखी शटरिंग की लकड़ियों और लोहे की रॉड को भी नुकसान पहुँचाया।
इतना ही नहीं, जाते-जाते अपराधी मौके से सीमेंट की बोरियाँ, लोहे की रॉड और अन्य कीमती निर्माण सामग्री भी लूट ले गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस घटना में कंपनी को 50 हजार रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
मजदूरों में खौफ, काम ठप
इस हिंसक घटना के बाद निर्माण स्थल पर काम करने वाले मजदूरों में भारी डर देखा जा रहा है। जानमाल के खतरे को देखते हुए फिलहाल नाला निर्माण का काम रोक दिया गया है। ठेकेदार शैलेंद्र कुमार ने मखदुमपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि अगर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना असंभव होगा।
पुलिस की कार्रवाई और आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मखदुमपुर थाना पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस ने निर्माण कंपनी को आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
निष्कर्ष
जहानाबाद में हुई यह घटना बिहार में ‘रंगदारी’ के पुराने दौर की याद दिलाती है। जब सरकारी परियोजनाओं में इस तरह की बाधाएं आती हैं, तो न केवल सरकारी खजाने को चपत लगती है, बल्कि आम जनता को मिलने वाली सुविधाएं भी पिछड़ जाती हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इन असामाजिक तत्वों पर कितनी जल्दी नकेल कस पाता है।



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