बिहार न्यूज़: जमुई में खूनी रंजिश! सिकंदरा में ताबड़तोड़ फायरिंग से दहला गांव, चार लोग लहूलुहान
जमुई (बिहार)। बिहार के जमुई जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश की आग ने हिंसक रूप ले लिया। जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र के जखड़ा गांव में रविवार देर शाम दो गुटों के बीच जमकर गोलीबारी हुई। इस हिंसक झड़प में एक किशोर समेत कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।
विवाद की शुरुआत: पशु हाट से शुरू हुई तकरार
सूत्रों के अनुसार, इस खूनी संघर्ष की नींव रविवार को सिकंदरा स्थित पशु हाट में पड़ी थी। वहां गांव के ही दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। शुरुआत में यह एक सामान्य बहस लग रही थी, लेकिन देखते ही देखते इसने पुरानी रंजिश का रूप ले लिया। शाम होते-होते तनाव इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी।
घायलों की पहचान और स्वास्थ्य अपडेट
फायरिंग की इस घटना में चार लोग गोली लगने से घायल हुए हैं, जिनमें एक 17 वर्षीय किशोर भी शामिल है। घायलों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- नोमान खान
- दाबर खान
- अरमान खान
- अरबाज खान (17 वर्ष)
सभी घायलों को तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), सिकंदरा ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से एक घायल की स्थिति अत्यंत नाजुक थी, जिसके कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद पटना रेफर कर दिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ सतीश सुमन और एफएसएल (FSL) की टीम तुरंत जखड़ा गांव पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मोहम्मद रिजवान खान, मोहम्मद नोमान खान, मोहम्मद गुलफान और मोहम्मद शमीम के रूप में की गई है, जिन्होंने कथित तौर पर फायरिंग की थी।
एसडीपीओ सतीश सुमन ने मीडिया को बताया:
”यह पूरी तरह से आपसी रंजिश का मामला है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।”
गांव में तनावपूर्ण शांति
फिलहाल जखड़ा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन अंदरूनी तनाव बरकरार है। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को फिर से होने से रोका जा सके।
निष्कर्ष
जमुई में हुई यह घटना बिहार में कानून-व्यवस्था और अवैध हथियारों की उपलब्धता पर एक बार फिर सवालिया निशान लगाती है। मामूली विवादों का गोलीबारी में बदल जाना समाज के लिए चिंता का विषय है। अब सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।



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