दरभंगा में रील बनाने का जुनून पड़ा भारी: पिस्टल के साथ टशन दिखा रहे 4 युवक गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
दरभंगा: सोशल मीडिया पर ‘लाइक’ और ‘फॉलोअर्स’ बटोरने की होड़ युवाओं को किस कदर अपराध की दलदल में धकेल रही है, इसका ताजा उदाहरण बिहार के दरभंगा जिले में देखने को मिला है। यहाँ बहेड़ा थाना क्षेत्र के मझौरा बाजार में हथियारों के साथ रील बनाना चार युवकों को काफी महंगा पड़ा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न सिर्फ चारों आरोपियों को दबोच लिया, बल्कि उनके पास से दो अवैध देसी पिस्टल और मैगजीन भी बरामद की है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मझौरा बाजार के समीप कुछ युवक अवैध हथियार लहराते हुए घूम रहे हैं और रील बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए बहेड़ा थानाध्यक्ष सह प्रशिक्षु डीएसपी रोशन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी शुरू की गई।
जैसे ही पुलिस की गाड़ी मझौरा चौक के पास पहुँची, वहाँ मौजूद युवक पुलिस को देख भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एक युवक को धर दबोचा। पकड़े गए युवक की पहचान कृष्ण कुमार यादव के रूप में हुई। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसकी कमर से एक लोड किया हुआ देसी पिस्टल और मैगजीन बरामद हुई।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब कृष्ण कुमार से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने पूरी कहानी बयां कर दी। उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ सोशल मीडिया के लिए रील बना रहा था। उसने जानकारी दी कि उसने यह हथियार सचिन सहनी और सत्यम सहनी से रील बनाने के लिए लिया था।
पुलिस ने बिना देर किए दोनों भाइयों का पीछा किया और उन्हें भी कुछ ही दूरी पर गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मामले की कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और पुलिस ने चौथे आरोपी राघव यादव को भी एक अन्य पिस्टल के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
मोबाइल में मिले रील और सबूत
पुलिस ने जब गिरफ्तार युवकों के मोबाइल फोन की जांच की, तो उसमें चौंकाने वाले साक्ष्य मिले। मोबाइल की गैलरी में कई ऐसे वीडियो और फोटो मौजूद थे, जिनमें ये युवक अवैध पिस्टल के साथ फिल्मी गानों पर रील बना रहे थे और टशन दिखा रहे थे। पुलिस ने इन सभी वीडियो को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई और संदेश
इस मामले में बहेड़ा इंस्पेक्टर मिथलेश कुमार राही के आवेदन पर चारों युवकों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम (Arms Act) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थानाध्यक्ष रोशन कुमार ने बताया कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया के चक्कर में आकर अवैध गतिविधियों में न संलिप्त हों। हथियारों का प्रदर्शन न केवल अपराध है, बल्कि यह आपके भविष्य को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है।
निष्कर्ष
दरभंगा की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रील बनाने का चस्का युवाओं को अपराधी बना रहा है। पुलिस की इस मुस्तैदी की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं, क्योंकि समय रहते इन युवकों की गिरफ्तारी से किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाला जा सका है।



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