दरभंगा में बवाल: भगवान की डोली पर पथराव से भगदड़, आधा दर्जन घायल, गांव में तनाव के बाद पुलिस छावनी में तब्दील
होली के उल्लास के बीच दरभंगा में हिंसक झड़प
बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। होली के पावन अवसर पर जहां पूरा प्रदेश उत्सव में डूबा था, वहीं दरभंगा के हाबीभौआड़ गांव में सांप्रदायिक और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की गई। गांव में निकाले जा रहे लक्ष्मी नारायण भगवान के डोला कीर्तन जुलूस पर उपद्रवियों ने अचानक पथराव कर दिया। इस हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के मुताबिक, हाबीभौआड़ गांव स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर में वार्षिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के समापन के बाद परंपरा के अनुसार भगवान की भव्य रूप से सजी डोली को गांव भ्रमण के लिए निकाला गया। श्रद्धालु नाचते-गाते हुए शोभायात्रा निकाल रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह जुलूस गांव के विभिन्न रास्तों से होते हुए दलित मोहल्ले में पहुँचा, तो वहां पहले से ही कुछ अराजक तत्व घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही डोली मोहल्ले के बीच पहुंची, घरों की छतों से अचानक पत्थरों की बारिश शुरू हो गई।
मची भगदड़, चौकीदार समेत कई घायल
अचानक हुए इस हमले से जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस पत्थरबाजी में ड्यूटी पर तैनात चौकीदार रामविलास भी चोटिल हो गए। वहीं, भगवान की डोली को कंधे पर उठाने वाले परमेश्वर झा और अनिल ठाकुर के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
सभी घायलों को तुरंत अनुमंडल अस्पताल बेनीपुर ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए DMCH (दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) रेफर कर दिया गया है।
बर्खास्त सिपाही पर साजिश का आरोप
ग्रामीणों ने इस घटना के पीछे एक सोची-समझी साजिश का अंदेशा जताया है। घायल ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक बर्खास्त सिपाही के उकसावे पर इस हिंसक कृत्य को अंजाम दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी धर्मेंद्र गुप्ता के आवेदन पर मनोज पासवान सहित चार नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थिति को बिगड़ता देख एसडीएम मनीष कुमार झा और एसडीपीओ बासुकीनाथ झा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए अब तक दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
वर्तमान में गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस कैंप कर रही है।



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