नवादा के लाल ईशान किशन की शानदार घर वापसी: वर्ल्ड कप की जीत के बाद मिला भव्य स्वागत
नवादा: भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते हुए सितारे और विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन जब गुरुवार को अपने शहर नवादा पहुंचे, तो नजारा किसी बड़े त्यौहार जैसा था। टी20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वागत करने के लिए प्रशंसकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी।
ढोल-नगाड़ों की गूंज और प्रशंसकों का हुजूम
ईशान किशन के नवादा आने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली, उनके आवास ‘सावित्री सेवा सदन’ के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई अपने चहेते खिलाड़ी की एक झलक पाने को बेताब दिखा। प्रशंसकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते हुए और फूलों की बारिश कर ईशान का अभिनंदन किया।
भीड़ इतनी अधिक थी कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था। अंततः, ईशान किशन ने अपने घर की गैलरी में आकर हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्हें देखते ही पूरा इलाका ‘ईशान-ईशान’ के नारों से गूंज उठा।
जड़ों से जुड़ाव: दादी और बड़ों का लिया आशीर्वाद
इतनी शोहरत और सफलता के बावजूद ईशान किशन अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। घर पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी दादी सावित्री शर्मा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने जिले के प्रतिष्ठित चिकित्सक और अपने अभिभावक डॉ. शत्रुध्न प्रसाद सिंह से मुलाकात की।
डॉ. सिंह ने उन्हें माला पहनाकर सम्मानित किया और कहा कि ईशान ने न केवल नवादा, बल्कि पूरे बिहार का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। ईशान ने परिवार के साथ समय बिताया और अपने बचपन की यादें साझा कीं।
टी20 वर्ल्ड कप में ‘किशन’ का जलवा
ईशान किशन का यह नवादा दौरा उनके करियर के सबसे सफल दौर के बीच हुआ है। हाल ही में संपन्न हुए T20 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दुनिया भर के गेंदबाजों को धूल चटाई।
- फाइनल की यादगार पारी: न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में ईशान ने महज 21 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेलकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था।
- विकेटकीपिंग में कमाल: उन्होंने न केवल बल्ले से, बल्कि विकेटों के पीछे भी अपनी फुर्ती दिखाई और फाइनल में तीन महत्वपूर्ण कैच लपके।
युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत
नवादा जैसे छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शिखर तक पहुंचने की ईशान की कहानी बिहार के हजारों उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि ईशान की सफलता यह साबित करती है कि अगर प्रतिभा और दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं है।
शहर के खेल संगठनों ने भी ईशान की उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है। आने वाले दिनों में उनके सम्मान में कुछ और स्थानीय कार्यक्रमों के आयोजन की भी संभावना है।



Post Comment