BSEB Exam 2026: बिहार का यह आदर्श परीक्षा केंद्र बना मिसाल, तिलक से हुआ परीक्षार्थियों का स्वागत:-
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) द्वारा प्रतिभाग जिले के तारापुर त्रिपोल स्थित उत्क्रमित विद्यालय बिहामा ने एक आदर्श परीक्षा केंद्र के रूप में नई प्रतिभागिता आयोजित की। यहां की व्यवस्थाएं न केवल दिशानिर्देश और सुरक्षा का उदाहरण बनीं, बल्कि मानवीय और सकारात्मक पहल के कारण भी यह केंद्र चर्चा में है।

इस परीक्षा में केंद्र पर वर्चुअल का स्वागत पारंपरिक तिलक लगाया गया, जिसमें छात्रों के उद्योगों को नई ऊर्जा दी गई। आम तौर पर निरीक्षण में तनाव और डर का तानाशाही नजारा देखने को मिलता है, लेकिन बिहामा स्कूल में इसका उलटा नजारा देखने को मिला। छात्र-सूचीबद्ध परीक्षा केंद्र में प्रवेश सामग्री।
🎉पारंपरिक स्वागत से उन्नत
नामांकन परीक्षा विवरण में प्रवेश द्वार पर ही तिलक लगाने की शुभकामनाएं दी गईं। इस प्रथम का उद्देश्य छात्रों के मन से परीक्षा का भय दूर करना और उनके लक्ष्य को पूरा करना था। इस व्यवस्था के संचालक ने भी कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों के लिए काफी छोटे हैं।
🌸 दुल्हन की तरह सजा परीक्षा परिसर
उत्क्रमित विद्यालय बिहामा को इस अवसर पर रंग-बिरंगे गुब्बारों, झंडों और सजावटी सामग्री से आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया था। पूरा परिसर किसी उत्सव स्थल की तरह नजर आ रहा था। साफ-सफाई, सुव्यवस्थित प्रवेश व्यवस्था और शांत वातावरण ने इसे अन्य परीक्षण दस्तावेजों से अलग पहचान की स्थिति दी।

🛡️ चाक-चौबंद
जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह से निगरानी रख रहा है। तारापुर के एलॉट साइन कुमार स्वयं परीक्षा केंद्र पर मौजूद रह रहे हैं और विधि-व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ मैजिस्ट्रेट के रूप में ज़मीनी खेती स्टेडियम, तारापुर थान के अध्यक्ष प्रिंस भी रह रहे हैं।
बेटियों की सुरक्षा को विशेष सुविधाएं दी गईं। जांच केंद्र पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला सुरक्षा कर्मी और कैमरे लगाए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की स्थिति या कदाचार की संभावना नहीं रह गई थी।
📚 पेट्रोलियम और कदाचारमुक्त परीक्षा
प्रथम पाली में कुल 214 मेटल परीक्षा में शामिल हुए। इस पाली में बायोलॉजी विषय की परीक्षा आयोजित की गई, जो पूरी तरह से ऑस्ट्रियाई और कदाचारमुक्त सागर में हुई। परीक्षा केंद्र पर पर्यवेक्षक इतनी गहराई से बोले गए थे कि क्रेटराट और डेसेंटर दोनों ने रिलीफ की दुनिया ली।
⭐ अन्य परीक्षाओं के लिए प्रेरणा
बिहामा स्कूल की यह पहल न केवल विचित्रता के लिए यादगार अनुभव बनी, बल्कि यह अन्य परीक्षाओं के लिए भी एक आदर्श मॉडल के रूप में सामने है। यदि इसी तरह की मानवीय सोच और निर्देशों का संतुलन बनाया जा सकता है, तो परीक्षण प्रक्रिया को और अधिक सकारात्मक बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, बीएसईबी की इस पहल से यह साबित हुआ कि पासपोर्ट के साथ-साथ निरीक्षण व्यवस्था का भी अहम हिस्सा हो सकता है।
BSEB Exam 2026 में मुंगेर के बिहमा स्कूल ने आदर्श परीक्षा केंद्र बनकर मिसाल कायम की। तिलक से स्वागत, कड़ी सुरक्षा और शांतिपूर्ण परीक्षा व्यवस्था ने सबका दिल जीता।

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