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सारण: दाहा नदी पुल पर खुलेआम मांस बिक्री से धार्मिक भावनाएं आहत, श्रद्धालुओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

बिहार के सारण जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ मांझी प्रखंड के महम्मदपुर बघौना स्थित दाहा नदी पुल पर खुलेआम मांस की बिक्री और उससे फैलने वाली गंदगी ने स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। पवित्र नदी के ऊपर इस तरह की गतिविधियों से न केवल पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि बाबा महेंद्र नाथ धाम जाने वाले भक्तों की धार्मिक आस्था को भी ठेस पहुँच रही है।

​गंदगी और दुर्गंध से नरकीय हुई स्थिति

​स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से पुल पर मछली और मुर्गा बेचने वाले विक्रेताओं का जमावड़ा लगा रहता है। ये दुकानदार व्यापार करने के बाद बचा हुआ सारा कचरा, जिसमें मुर्गी के पंख, आंतरिक अंग और अन्य सड़े-गले अवशेष शामिल हैं, सीधे दाहा नदी में फेंक देते हैं।

​इस लापरवाही के कारण पुल के आसपास का वातावरण पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। नदी के पानी से उठने वाली तीव्र दुर्गंध ने राहगीरों का पैदल चलना भी दूषित कर दिया है। विशेष रूप से, पुल के पास बने घाट पर प्रतिदिन ग्रामीण स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, जिन्हें अब इस गंदगी के बीच से गुजरना पड़ रहा है।

​श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश

​यह मामला केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा है। स्थानीय निवासी धीरज गुप्ता ने बताया कि दाहा नदी का यह मार्ग गोपालगंज के सासामुसा से शुरू होकर मांझी के ताजपुर फुलवरिया होते हुए पवित्र सरयू नदी में मिलता है।

​सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पुल बाबा महेंद्र नाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य मार्ग है। प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को पूर्वी क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि पवित्र मार्ग पर इस तरह की गंदगी और खुलेआम मांस की बिक्री उनकी आस्था का अपमान है।

​प्रशासन का रुख

​इस मामले में जब मांझी प्रखंड के बीडीओ (BDO) उपेंद्र दास से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि पहले उनके पास इस संबंध में कोई लिखित या औपचारिक सूचना नहीं थी। हालांकि, मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। बीडीओ ने आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच के लिए एक टीम भेजी जाएगी और जो भी दुकानदार पुल पर अतिक्रमण कर गंदगी फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​ग्रामीणों की मांगें

​क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:

  1. ​पुल पर अवैध रूप से चल रही मांस की दुकानों को तत्काल हटाया जाए।
  2. ​नदी में कचरा फेंकने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
  3. ​बाबा महेंद्र नाथ धाम जाने वाले इस मार्ग पर नियमित पुलिस गश्त और निगरानी सुनिश्चित हो।
  4. ​घाट की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

निष्कर्ष:

सारण जिले की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन की चौकसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थानीय ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सार्वजनिक स्थलों और नदियों की पवित्रता बनाए रखना न केवल प्रशासन बल्कि नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।

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