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सावधान! निवेश के नाम पर सगे रिश्तेदार ने ही उजाड़ दिया घर, सहरसा में 1.11 करोड़ की ‘डिजिटल’ डकैती

सहरसा (बिहार): डिजिटल क्रांति के इस दौर में जहाँ बैंकिंग आसान हुई है, वहीं ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। बिहार के सहरसा जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने न केवल पुलिस को हैरान कर दिया है, बल्कि रिश्तों पर से भी भरोसा उठा दिया है। यहाँ एक व्यक्ति को उसके अपने ही दूर के रिश्तेदार ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर 1.11 करोड़ रुपये की चपत लगा दी।

भरोसे की आड़ में रची गई साजिश

​ठगी की यह कहानी शुरू हुई शंभू झा नाम के व्यक्ति के साथ। शंभू झा का एक दूर का रिश्तेदार, जो उनका विश्वासपात्र था, उसने उन्हें निवेश के जरिए रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाया। आरोपी ने दावा किया कि यदि वे ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online Betting) और शेयर मार्केट (Share Market) में पैसा लगाते हैं, तो उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा रिटर्न मिलेगा।

​रिश्तेदार होने के नाते शंभू झा ने उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर लिया। आरोपी ने धीरे-धीरे शंभू झा से किस्तों में पैसे ऐंठने शुरू किए। मुनाफे के लालच में आकर पीड़ित ने एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार में कुल 1,11,35,364 रुपये आरोपी के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

पत्नी के खाते का भी किया इस्तेमाल

​ठगी की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने न केवल अपने बैंक खातों का इस्तेमाल किया, बल्कि इस काली कमाई को छुपाने के लिए अपनी पत्नी के बैंक खाते में भी पैसे मंगवाए। जांच में सामने आया कि ठगी की यह विशाल धनराशि बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, फेडरल बैंक और एचडीएफसी बैंक के विभिन्न खातों के जरिए रूट की गई थी। जब शंभू झा को एहसास हुआ कि न तो मुनाफा मिल रहा है और न ही मूलधन वापस आ रहा है, तब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का आभास हुआ।

साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई

​पीड़ित शंभू झा ने 16 फरवरी 2026 को सहरसा साइबर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। साइबर डीएसपी अजित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों (Digital Forensics) का सहारा लिया। बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो शक की सुई उसी रिश्तेदार पर जाकर रुकी।

​सहरसा पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन सभी बैंक खातों को ‘फ्रीज’ करवा दिया है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।

साइबर एक्सपर्ट्स की राय और बचाव के तरीके

​इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ठगी करने वाला कोई भी हो सकता है, चाहे वह आपका करीबी ही क्यों न हो। साइबर पुलिस ने आम जनता के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं:

  1. अत्यधिक मुनाफे से बचें: यदि कोई आपको बहुत कम समय में पैसा दोगुना करने या भारी मुनाफे का लालच दे, तो सतर्क हो जाएं।
  2. बिना सत्यापन निवेश न करें: शेयर मार्केट या किसी भी वित्तीय स्कीम में निवेश करने से पहले रजिस्टर्ड ब्रोकर या अधिकृत संस्था की जांच जरूर करें।
  3. डिजिटल लेनदेन में सावधानी: किसी के कहने पर अनजान बैंक खातों या व्यक्तिगत खातों में बड़ी राशि ट्रांसफर न करें।
  4. तत्काल सूचना दें: यदि आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या स्थानीय साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

​सहरसा पुलिस फिलहाल इस मामले में यह पता लगा रही है कि क्या इस रैकेट में और भी लोग शामिल हैं। आरोपी की पत्नी की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।

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