बिहार: रोजी-रोटी कमाने सऊदी अरब गए मुजफ्फरपुर के युवक की सड़क हादसे में मौत, डेढ़ महीने बाद घर पहुंचा शव
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। साहेबगंज के घनैया गांव निवासी 36 वर्षीय राजेश कुमार महतो की सऊदी अरब में एक सड़क दुर्घटना के दौरान मौत हो गई। कानूनी औपचारिकताओं और लंबी प्रक्रिया के बाद, शनिवार (7 मार्च 2026) की देर रात राजेश का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। जैसे ही एम्बुलेंस गांव की सीमा में दाखिल हुई, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
सुपरवाइजर के पद पर थे कार्यरत
राजेश कुमार महतो पिछले दो वर्षों से सऊदी अरब में एलएंडटी (L&T) कंपनी के एक सोलर प्लांट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। वह अपने परिवार के भविष्य को संवारने के लिए सात समंदर पार मेहनत कर रहे थे। परिजनों ने बताया कि राजेश हाल ही में छुट्टी बिताकर घर से वापस लौटे थे। वह 17 जनवरी को ही दोबारा काम पर गए थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी परिवार से आखिरी मुलाकात होगी।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा 9 फरवरी को हुआ था। उस समय साइट शिफ्टिंग का काम चल रहा था, तभी राजेश एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। मौके पर ही उनकी जान चली गई। विदेश में मृत्यु होने के कारण कागजी कार्रवाई और शव को भारत लाने की प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शनिवार रात जब शव घर के दरवाजे पर पहुंचा, तो परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव दहल उठा। मृतक की पत्नी, बच्चे और वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। राजेश अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनके पीछे उनकी पत्नी, तीन छोटे बच्चे और छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी है। पिता पेशे से किसान हैं और अब परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गांव में पसरा मातम
पकड़ी बसारत पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि शंभू साह ने बताया कि राजेश एक मिलनसार और मेहनती युवक थे। उनकी मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव ने एक होनहार सदस्य खो दिया है। अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ की आंखें भी नम थीं। ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।



Post Comment