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मुंगेर में सिगरेट के धुएं ने सुलगाई हिंसा की आग: दो समुदायों में पत्थरबाजी, कई घायल और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात

मुंगेर, बिहार: बिहार के मुंगेर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सिगरेट के धुएं जैसे मामूली विवाद ने देखते ही देखते सांप्रदायिक रंग ले लिया। हवेली खड़गपुर नगर क्षेत्र के शेख टोला पुल के पास शुक्रवार की शाम दो समुदायों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले। इस हिंसक झड़प में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जबकि इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

​विवाद की जड़: चेहरे पर छोड़ा गया धुआं

​घटनाक्रम के अनुसार, विवाद की शुरुआत शुक्रवार देर शाम हुई जब सिमपुर निवासी पीयूष कुमार और मनखुश कुमार बाजार से खरीदारी कर अपने घर लौट रहे थे। शेख टोला पुल के समीप कुछ युवक कथित तौर पर नशीले पदार्थों और सिगरेट का सेवन कर रहे थे।

​पीड़ितों का आरोप है कि वहां मौजूद युवकों ने जानबूझकर उनके चेहरे पर सिगरेट का धुआं छोड़ा। जब पीयूष और मनखुश ने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया, तो बात गाली-गलौज तक पहुंच गई। देखते ही देखते यह विवाद व्यक्तिगत न रहकर दो समुदायों के बीच के संघर्ष में बदल गया। मौके पर जुटी भीड़ ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

​पत्थरबाजी में दो घायल, अस्पताल में भर्ती

​इस पत्थरबाजी के दौरान पीयूष और मनखुश को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को अनुमंडल अस्पताल, हवेली खड़गपुर में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

​प्रशासन की सख्त कार्रवाई: 5 हिरासत में

​घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर के जिलाधिकारी (DM) निखिल धनराज निपनीकर और पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 5 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

​एसपी सैयद इमरान मसूद ने मीडिया को बताया कि, “स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

​इलाके में पुलिस छावनी, शांति की अपील

​वर्तमान में शेख टोला और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।

​अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि कोई भड़काऊ पोस्ट साझा न कर सके। इलाके के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक कर शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

​निष्कर्ष

​बिहार में छोटी-छोटी बातों पर होने वाली हिंसक झड़पें प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। मुंगेर की यह घटना दर्शाती है कि समाज में असहिष्णुता किस कदर बढ़ रही है। फिलहाल पुलिस की मुस्तैदी ने बड़े दंगे को टाल दिया है, लेकिन इलाके में तनाव को खत्म करना एक बड़ी जिम्मेदारी बनी हुई है।

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