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महाशिवरात्रि 2026: भक्ति और कर्तव्य की राह पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, अशोकधाम में की विशेष पूजा:-

लखीसराय/पटना: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का एक अलग रूप देखने को मिला। आस्था और जनसेवा के अनूठे संगम को प्रदर्शित करते हुए उन्होंने न केवल भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया।

​रविवार को लखीसराय के ऐतिहासिक और पौराणिक अशोकधाम मंदिर में उपमुख्यमंत्री ने विधिवत रुद्राभिषेक किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

अशोकधाम में रुद्राभिषेक और आध्यात्मिक संदेश

​महाशिवरात्रि के अवसर पर अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंदिर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ के दर्शन किए। पंडितों के सानिध्य में उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक संपन्न किया।

​इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, “महाशिवरात्रि शिव और शक्ति के पावन मिलन का प्रतीक है। यह महापर्व हमें आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा देता है। भगवान शिव लोक कल्याण के देवता हैं और आज मैंने उनसे समस्त बिहारवासियों के जीवन में शांति और प्रगति की कामना की है।”

जन कल्याण संवाद: मंदिर से सीधे जनता के द्वार

​भक्ति मार्ग से सीधे कर्तव्य पथ पर बढ़ते हुए, उपमुख्यमंत्री पूजा-अर्चना के तुरंत बाद लखीसराय विधानसभा प्रधान कार्यालय पहुंचे। यहाँ ‘जन कल्याण संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों को सुनना और उनका मौके पर ही निस्तारण करना था।

​लखीसराय और आसपास के जिलों (मुंगेर, बेगूसराय, शेखपुरा) से आए सैकड़ों फरियादियों ने अपनी समस्याएं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। संवाद के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे छाए रहे:

  • राजस्व विभाग: भूमि विवाद और दाखिल-खारिज में हो रही देरी।
  • बुनियादी ढांचा: ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और जल-जमाव की समस्या।
  • समाज कल्याण: वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड से जुड़ी विसंगतियां।
  • बिजली और पानी: कृषि कार्यों के लिए सिंचाई हेतु बिजली की उपलब्धता।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: “समयबद्ध समाधान ही प्राथमिकता”

​उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी की बात को गंभीरता से सुना। मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए।

​उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारी सरकार का मूल मंत्र ‘जनसेवा’ है। किसी भी गरीब या असहाय व्यक्ति को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने समाधान के लिए एक निश्चित समयसीमा (Deadline) भी तय की।

पारदर्शी शासन का संकल्प

​विजय सिन्हा ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि बिहार सरकार ‘सुशासन’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता लाई जा रही है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि ऐसे संवाद कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो सके।

निष्कर्ष:

डिप्टी सीएम का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि विकास और विरासत को साथ लेकर चलना ही सफल नेतृत्व की पहचान है। जहाँ एक ओर उन्होंने सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान किया, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत जनता के प्रति अपनी जवाबदेही भी निभाई।

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