Loading Now

​नीतीश कुमार का नया ठिकाना: दिल्ली के लुटियंस जोन में मिला आलीशान बंगला; अब अमित शाह और राहुल गांधी होंगे पड़ोसी

पटना/दिल्ली। बिहार की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अब देश की राजधानी दिल्ली के सबसे पॉश और सुरक्षित इलाके के निवासी बनने जा रहे हैं। राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने उन्हें लुटियंस दिल्ली के सुनहरी बाग इलाके में एक भव्य सरकारी बंगला आवंटित किया है।

9, सुनहरी बाग: नीतीश कुमार का नया पता

​नीतीश कुमार को ‘टाइप-8’ श्रेणी का बंगला आवंटित किया गया है, जो सरकारी आवासों में सर्वोच्च श्रेणी मानी जाती है। अब उनका नया पता 9, सुनहरी बाग होगा। इससे पहले नीतीश कुमार दिल्ली प्रवास के दौरान 6, कामराज लेन स्थित आवास में रुकते थे। राज्यसभा में उनके कद और वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें यह बड़ा और प्रतिष्ठित आवास दिया गया है।

देश के दिग्गज नेता होंगे पड़ोसी

​सुनहरी बाग इलाका दिल्ली का वह केंद्र है जहाँ देश की सत्ता की धुरी घूमने वाले दिग्गज रहते हैं। नीतीश कुमार के नए पड़ोस में कई हाई-प्रोफाइल नाम शामिल हैं:

  • अमित शाह: देश के गृह मंत्री भी इसी वीवीआईपी इलाके में रहते हैं।
  • राहुल गांधी: लोकसभा में विपक्ष के नेता का आवास भी इसी क्षेत्र में है।
  • चिराग पासवान: केंद्रीय मंत्री और बिहार के युवा नेता चिराग पासवान भी यहीं के निवासी हैं।

क्या खास है टाइप-8 बंगले में?

​लुटियंस दिल्ली में सरकारी आवासों को उनकी सुविधाओं और क्षेत्रफल के आधार पर टाइप-1 से टाइप-8 तक बांटा जाता है। ‘टाइप-8’ बंगला आमतौर पर कैबिनेट मंत्रियों, सुप्रीम कोर्ट के जजों और बहुत वरिष्ठ सांसदों को ही मिलता है।

  • क्षेत्रफल: इन बंगलों का विस्तार लगभग 8,000 से 8,500 वर्गफुट तक होता है।
  • सुविधाएं: इसमें कई बड़े बेडरूम, डाइनिंग एरिया, एक विशाल स्टडी रूम, गेस्ट हाउस और निजी गैरेज होता है।
  • लॉन: बंगले के आगे और पीछे विशाल बगीचे (Lawn) होते हैं, जो इसे बेहद शांत और भव्य बनाते हैं।

सुरक्षा में भी हुआ इजाफा: मिली Z+ सिक्योरिटी

​सिर्फ बंगला ही नहीं, नीतीश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को भी अभेद्य बना दिया गया है। केंद्र सरकार ने उन्हें देशभर में Z+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। अब उनकी सुरक्षा का जिम्मा सीआरपीएफ (CRPF) के कमांडोज के पास होगा। यह देश में किसी भी वीआईपी को दी जाने वाली सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणियों में से एक है।

नीतीश कुमार का बदला हुआ राजनीतिक सफर

​बता दें कि बिहार की राजनीति में दशकों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल, 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। इसके महज तीन दिन बाद, 13 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। उनके इस्तीफे के बाद बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हुआ और नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

निष्कर्ष

​नीतीश कुमार का दिल्ली में इस उच्च श्रेणी के बंगले में शिफ्ट होना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और केंद्र सरकार के निर्णयों में उनकी और उनकी पार्टी JDU की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाली है।

Previous post

बिहार: सीएम सम्राट चौधरी को मिली थी जान से मारने की धमकी, गुजरात से दबोचा गया मुख्य आरोपी

Next post

​बाहुबली अनंत सिंह का बड़ा बयान: “बिहार में खत्म हो शराबबंदी”, निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर भी बोले ‘छोटे सरकार

Post Comment

You May Have Missed