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भागलपुर में ‘भारत की प्रतिनिधि लघुकथाएं’ पुस्तक का लोकार्पण, डॉ. आरोही बोले- लघुकथा भारत की मिट्टी की उपज

बिहार के भागलपुर में साहित्यिक माहौल के बीच ‘भारत की प्रतिनिधि लघुकथाएं’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में कई साहित्यकार, लेखक और साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने लघुकथा साहित्य की परंपरा, उसकी सामाजिक भूमिका और वर्तमान समय में उसकी बढ़ती लोकप्रियता पर विस्तार से चर्चा की।
डॉ. आरोही ने कही यह बड़ी बात
कार्यक्रम में बोलते हुए डॉ. आरोही ने कहा कि लघुकथा भारतीय समाज और संस्कृति की मिट्टी से जन्मी विधा है। उन्होंने कहा कि लघुकथा कम शब्दों में बड़े विचार और गहरी सामाजिक सच्चाई को सामने लाने की क्षमता रखती है।
डॉ. आरोही ने यह भी कहा कि आज के तेज़ जीवन में लघुकथा पाठकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि यह कम समय में प्रभावी संदेश देने का काम करती है।
साहित्यकारों ने साझा किए विचार
कार्यक्रम में मौजूद अन्य साहित्यकारों और वक्ताओं ने भी लघुकथा की ताकत और साहित्य में उसके योगदान पर अपने विचार रखे। वक्ताओं का कहना था कि लघुकथा समाज की छोटी-छोटी घटनाओं के माध्यम से बड़ी सच्चाइयों को सामने लाती है।
साहित्य प्रेमियों की रही खास मौजूदगी
पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में स्थानीय साहित्यकारों, शिक्षकों और छात्रों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में लेखकों और पाठकों के बीच संवाद का दौर भी चला, जिसमें लघुकथा लेखन और साहित्य के भविष्य पर चर्चा की गई।

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